अध्याय 10

आत्मा आउर एका के बिच लागल रहई

Quick Answer

एह पाठ में कहल गइल बा कि आत्मा आउर शरीर के एक होखे के कैसे बरकरार राखल जाई। साँस के शुद्ध राखके, अंतर के दर्पण के साफ राखके, बिना कइले के राज्य चलावे के बारे में बतावल गइल बा।

Key Concepts

  • 修身
  • 玄德
  • 无为
  • 内观

Cite This Chapter

Laozi, Tao Te Ching, Chapter 10, "आत्मा आउर एका के बिच लागल रहई", laotzu.ai: https://www.laotzu.ai/bho/chapters/10/

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载营魄抱一,能无离乎?专气致柔,能如婴儿乎?涤除玄览,能无疵乎?
爱民治国,能无为乎?天门开阖,能为雌乎?明白四达,能无知乎?
生之畜之,生而不有,为而不恃,长而不宰,是谓玄德。
जब आत्मा आउर शरीर एक हो जाला, कवनो तरह से बिछोह ना होई? जब साँस के शुद्ध करके कोमल बनावल जाला, क्या हमनी के बालक के समान बनल जा सकीत? जब अंतर के दर्पण के साफ करावल जाला, कवनो दोष बा? प्रजा के प्रेम करके राज्य चलावल, क्या बिना कइले से हो सके? जब आकाश के दरवाजा खुलला-बंद होला, क्या शांत रह सकल? जब सब तरफ स्पष्टता बा, क्या बिना जाने के रह सकल? सब के जियवा-पोसवा, जनावला बिना होई, करावला बिना टेकावला, बड़ा करावला बिना हुकुम दिहला - एही के कहल जाला गहिर दया।

गहन चिंतन

एहि अध्याय में का बात होला?

एह पाठ में कहल गइल बा कि आत्मा आउर शरीर के एक होखे के कैसे बरकरार राखल जाई। साँस के शुद्ध राखके, अंतर के दर्पण के साफ राखके, बिना कइले के राज्य चलावे के बारे में बतावल गइल बा।

एहि के मोहल्ला से का संबंध?

हमनी के जीवन में भी आत्मा आउर शरीर के बिच संतुलन बनावे के कोशिश करे के चाहीं। अक्सर हमनी बाहरी माया में खो जातानी जे से आंतरिक शांति बिगड़ जाला।

आज का करब?

आज कुछ देर के खाली बइठ के साँस के गिनती के संगे शुद्ध करीं आउर अंतर के शांत करीं।

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मोहना विचार

एहि अध्याय में रउआ के का प्रेरित करेला? रउआ एकरा केसे लागू करब?

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