अध्याय 2
सुंदर अउरी बुरा दुनों जुड़ल बा
Quick Answer
ई अध्याय बतावेला कि सब बात एक दूसरे पर निर्भर बा। सुंदर बिनु बुरा के ना हो सकेला, भलाई बिनु बेभलाई के ना। संत मनुष्य बिनु अभिमान के काम करेला अउर फल के ना चाहेला।
Key Concepts
- 美丑
- 善恶
- 无为
- 对立统一
Cite This Chapter
Laozi, Tao Te Ching, Chapter 2, "सुंदर अउरी बुरा दुनों जुड़ल बा", laotzu.ai: https://www.laotzu.ai/bho/chapters/2/
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मूल
故有无相生,难易相成,长短相较,高下相倾,音声相和,前后相随。
是以圣人处无为之事,行不言之教;万物作焉而不辞,生而不有,为而不恃,功成而弗居。夫唯弗居,是以不去。
अनुवाद
एहसे होला कि हर बात दूसरा के जरूरत में बा - अछे के साथ बुरा, कठिन के साथ सहज, लंब के साथ छोट, ऊंच के साथ नीच, आवाज के साथ चुप, पहिले के साथ पीछे।
एहसे संत मनुष्य बिनु करम के करेला, बिनु बोल के सिखावेला। सब कुछ के जन्म देवेला बाकि कबो कहेला ना, फल देला बाकि अपना ना मानेला, काम करेला बाकि टेक ना मानेला, सफलता पावेला बाकि राखे ना। जे ना राखेला, ओकरा के कोई हराव ना सकल।
गहन चिंतन
एहि अध्याय में का बात होला?
ई अध्याय बतावेला कि सब बात एक दूसरे पर निर्भर बा। सुंदर बिनु बुरा के ना हो सकेला, भलाई बिनु बेभलाई के ना। संत मनुष्य बिनु अभिमान के काम करेला अउर फल के ना चाहेला।
एहि के मोहल्ला से का संबंध?
हमरा जीव में जब दुख बा, त हम समझ गइल बानी कि सुख भी ओकरा साथे जुड़ल बा। जब मोती कुछ ना पावे बानी, त समझ जावीं कि ओकरा के कबूतर जरूरत बा।
आज का करब?
आज एक काम बिनु फल कीच के करी - ना सोची कि कौन देखेला, ना सोची कि कउनौ मिलेला। जे हो रहल बा ओकरा के खुशी से करी, आ फल जे आवेला ओकरा के स्वीकार करी।
सम्बंधित अध्याय
मोहना विचार
एहि अध्याय में रउआ के का प्रेरित करेला? रउआ एकरा केसे लागू करब?