अध्याय 64
जे स्थिर बा ओकरा रखवाली होला
Quick Answer
ई अध्याय कहेला कि जे काम स्थिर बा ओकरा बनावल आसान बा, जबले में समस्या ना भइल बा। बड़हन बरगद के पेड़ के जड़ छोट अंकुर से भइल बा, हजार बीघा के यात्रा पहिलका कदम से शुरू होला। जे पकड़ेला ओकरा गँवावेला, पर जे परमात्मा के इच्छा के अनुसार चलेला ओकरा कुछ ना गँवावेला।
Key Concepts
- 微
- 始
- 慎终如始
- 自然
Cite This Chapter
Laozi, Tao Te Ching, Chapter 64, "जे स्थिर बा ओकरा रखवाली होला", laotzu.ai: https://www.laotzu.ai/bho/chapters/64/
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मूल
合抱之木,生于毫末;九层之台,起于累土;千里之行,始于足下。
为者败之,执者失之。是以圣人无为故无败,无执故无失。
民之从事,常于几成而败之。慎终如始,则无败事。
是以圣人欲不欲,不贵难得之货;学不学,复众人之所过。以辅万物之自然而不敢为。
अनुवाद
बड़हन बरगद के पेड़ के जड़ छोट-छोट अंकुर से भइल बा। एगो महल के दस अठारह मंजिला रेत के एक-एक कण से बनल बा। हजार बीघा के यात्रा पहिलका कदम से शुरू होला।
जे करेला ओकरा नाश हो जाएला, जे पकड़ेला ओकरा गँवावेला। एजें काहे से बा कि परमात्मा के इच्छा के अनुसार चलेला जेकरा से ना कोनो हार ना हासिल।
साधारण लोग के काम अक्सर अंत में बिगड़ जाएला। अंत ले एही सावधानी रखे जइसे शुरुआत में रखल जात बा तऽ कोई हार ना होई।
एजें काहे से बा कि परमात्मा जे ना चाहेला ओकरा चाहेला, दुर्लभ बस्तु के आदर ना करेला। सीखे के ना सीखे के, सब के भूल के सुधार करे के। एही से सब कुछ के प्राकृतिक चाल में सहायता करेला आरू जबरजस्ती कवनो काम ना करेला।
गहन चिंतन
एहि अध्याय में का बात होला?
ई अध्याय कहेला कि जे काम स्थिर बा ओकरा बनावल आसान बा, जबले में समस्या ना भइल बा। बड़हन बरगद के पेड़ के जड़ छोट अंकुर से भइल बा, हजार बीघा के यात्रा पहिलका कदम से शुरू होला। जे पकड़ेला ओकरा गँवावेला, पर जे परमात्मा के इच्छा के अनुसार चलेला ओकरा कुछ ना गँवावेला।
एहि के मोहल्ला से का संबंध?
भइया, हमरा सभ में से हर एक काम के शुरुआत छोट होला आ हम सब ओकरा महत्व ना समझे लीं। जब हम कोई बड़हन सपना देखे लीं तऽ ओकरा के छोट-छोट हिस्सा में बाँटे के जरूरत बा। हमार जिनगी में भी बहुत काम अधूरा रह गइल बा काहे से कि हम पहिलका कदम उठावे में डर गइल।
आज का करब?
आज हम कोई एगो छोट काम के शुरू करी जा। एकरा के दस भाग में बाँट लीं आज एगो हिस्सा पूरा करी। याद रखी, हजार बीघा के यात्रा पहिलका कदम से शुरू होला।
सम्बंधित अध्याय
मोहना विचार
एहि अध्याय में रउआ के का प्रेरित करेला? रउआ एकरा केसे लागू करब?