अध्याय 5

प्रकृति की निष्पक्षता

Quick Answer

यह अध्याय प्राकृतिक निष्पक्षता और गैर-हस्तक्षेप पर जोर देता है, जहां ब्रह्मांड और संत बिना पक्षपात के कार्य करते हैं।

Key Concepts

  • 天地
  • वू-वेई (अकर्म)
  • 守中
  • 不仁

Cite This Chapter

Laozi, Tao Te Ching, Chapter 5, "प्रकृति की निष्पक्षता", laotzu.ai: https://www.laotzu.ai/hi/chapters/5/

Classical Chinese, translation, and AI reflection are shown separately; cite this chapter URL for references.

天地不仁,以万物为刍狗;圣人不仁,以百姓为刍狗。
天地之间,其犹橐籥乎?虚而不屈,动而愈出。
多言数穷,不如守中。
आकाश और पृथ्वी निष्पक्ष हैं; वे सभी प्राणियों को पुआल के कुत्तों की तरह मानते हैं। संत निष्पक्ष हैं; वे लोगों को पुआल के कुत्तों की तरह मानते हैं। आकाश और पृथ्वी के बीच का स्थान धौंकनी की तरह है: खाली, फिर भी कभी समाप्त नहीं होता; हिलने पर और अधिक निकलता है। बहुत अधिक बोलना थका देता है; मध्य में रहना बेहतर है।

गहन चिंतन

यह अध्याय किस बारे में है?

यह अध्याय प्राकृतिक निष्पक्षता और गैर-हस्तक्षेप पर जोर देता है, जहां ब्रह्मांड और संत बिना पक्षपात के कार्य करते हैं।

इसका मुझसे क्या संबंध है?

यह मुझे याद दिलाता है कि मैं नियंत्रण और पक्षपात छोड़ सकता हूं, और जीवन को स्वाभाविक रूप से बहने दे सकता हूं।

आज मुझे क्या करना चाहिए?

आज, निर्णय लेते समय निष्पक्ष रहने का प्रयास करें, और जरूरत से ज्यादा बोलने या हस्तक्षेप करने से बचें।

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