अध्याय 4

अनंत शून्यता

道冲,而用之或不盈。渊兮,似万物之宗。
挫其锐,解其纷,和其光,同其尘。湛兮,似或存。
吾不知谁之子,象帝之先。
ताओ शून्य है, फिर भी उपयोग करने पर कभी नहीं भरता। गहरा है, सभी चीजों का मूल। यह तेज को मंद करता है, उलझनों को सुलझाता है, प्रकाश को शांत करता है, धूल में मिल जाता है। पारदर्शी, फिर भी अस्तित्व में प्रतीत होता है। मैं नहीं जानता यह किसकी संतान है, यह परम ईश्वर से भी पूर्व है।

गहन चिंतन

यह अध्याय किस बारे में है?

यह अध्याय ताओ को एक शून्य, गहरे और मूल स्रोत के रूप में चित्रित करता है, जो सब कुछ को समाहित करता है और सृजन से पहले विद्यमान है।

इसका मुझसे क्या संबंध है?

यह मुझे सिखाता है कि शून्यता और सादगी में शक्ति है; मैं अपने जीवन में अहंकार और जटिलता को छोड़ सकता हूं।

आज मुझे क्या करना चाहिए?

आज, कुछ मिनट मौन में बैठें और अपने मन को शून्य करने का अभ्यास करें, जैसे ताओ की शून्यता।

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