जे कुछ मुँदल जाई, पहिले ओकरा खोलल जाई; जे कुछ कमजोर करल जाई, पहिले ओकरा मजबूत कइल जाई; जे कुछ हटावल जाई, पहिले ओकरा बढ़ावल जाई; जे कुछ लेवल जाई, पहिले ओकरा देवल जाई। एकरा के छोट अउर सूक्ष्म समझ कहल जाला। नरम-कमजोर जीतला अउर मजबूत-अकड़ी के हरावला। मछरी के गहिर पानी से बाहर निकालल जा सके ला, देश के हथियार दूसरन के देखावल नाहीं जा सके ला।
गहन चिंतन
एहि अध्याय में का बात होला?
ई अध्याय कहे ला कि सब चीजन अपना उल्टा में बदल जाला। जे चाहत बा कुछ मिले, पहिले देवल पड़ी। नरम-कमजोर चीज बड़का-मजबूत चीज के हरा देवे ला।
एहि के मोहल्ला से का संबंध?
हमरा जीवन में भी अइसना होला - जब हम दूसरन के देवे ली, तब हमके भी कुछ मिले ला। अउर जब हम अकड़ी रही, तब हम के हरा दिहल गइली।
आज का करब?
आज कुछ माँगला की बजाय कुछ देवल जाई, अउर देखी कि कइसे बदलाव आवे ला।
When one is about to take an inspiration, he is sure to make a (previous) expiration; when he is going to weaken another, he will first strengthen him; when he is going to overthrow another, he will first have raised him up; when he is going to despoil another, he will first have made gifts to him. The soft overcomes the hard; and the weak the strong.
एआई आधुनिक
जे कुछ मुँदल जाई, पहिले ओकरा खोलल जाई; जे कुछ कमजोर करल जाई, पहिले ओकरा मजबूत कइल जाई; जे कुछ हटावल जाई, पहिले ओकरा बढ़ावल जाई; जे कुछ लेवल जाई, पहिले ओकरा देवल जाई। एकरा के छोट अउर सूक्ष्म समझ कहल जाला। नरम-कमजोर जीतला अउर मजबूत-अकड़ी के हरावला। मछरी के गहिर पानी से बाहर निकालल जा सके ला, देश के हथियार दूसरन के देखावल नाहीं जा सके ला।
मोहना विचार
एहि अध्याय में रउआ के का प्रेरित करेला? रउआ एकरा केसे लागू करब?