ई अध्याय में लाओजी अपन आप के दुसरा लोग से अलग दिखावे ला। दुनिया बनावटी खुशी में मस्त बा, पर ई कहे ला कि सब बात जानके भीतर के शांत रहना चाहीं। ऊँच-नीच, अच्छा-बुरा के फरक समझत के बाद भी चुपचाप अपन रास्ता पर चलना चाहीं।
Key Concepts
独异
愚人之心
贵食母
Cite This Chapter
Laozi, Tao Te Ching, Chapter 20, "पढ़ाई-लिखाई छोड़ दिअ, चिंता कहियो ना होई", laotzu.ai: https://www.laotzu.ai/bho/chapters/20/
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बाहरी पढ़ाई-लिखाई के बात मिटा दिअ, ता ई सार चिंता कहियो ना रहिहीं। सहमति आउर इनकार में कता भारी फरक होई? अच्छा आउर बुरा में कता बड़का अंतर? जवना बात से लोग डरावे ला, ओकरा से डरना चाहीं। पर दुनिया बड़की अनगिनत बा! सब लोग खुशी में मस्त बानी, जइसे कि बड़का भोज में बइठल बानी, जइसे कि बसंत में ऊँचा डबरा पर चढ़ल बानी। हम भर भइया एकला चुपचाप बानी, जइसे कि नवजात बच्चा जे अभी हँसना सीखल ना। थका-माँदा बानी जइसे कि घर ना मिलल होई। दुसरा लोग के पास बहुत कुछ बा, हम भर के पास कुछो नइखे। हम के मन तो मूर्ख-सा बा! दुसरा लोग चमकावे ला, हम भर अँधेरे में रहिहीं। दुसरा लोग तऽ-चऽ करे ला, हम भर चुप रही। झँझर जइसन शांत, समुद्र जइसन बेहिसाब, बवंडर जइसन बिना ठहराव। दुसरा लोग के पास सब कुछ बा, हम भर दरिद्र आउर अज्ञानी बानी। हम दुसरा से अलग बानी, एह से माँ के दूध जइसन पवित्र चीज के कद्र करत बानी।
गहन चिंतन
एहि अध्याय में का बात होला?
ई अध्याय में लाओजी अपन आप के दुसरा लोग से अलग दिखावे ला। दुनिया बनावटी खुशी में मस्त बा, पर ई कहे ला कि सब बात जानके भीतर के शांत रहना चाहीं। ऊँच-नीच, अच्छा-बुरा के फरक समझत के बाद भी चुपचाप अपन रास्ता पर चलना चाहीं।
एहि के मोहल्ला से का संबंध?
हम भी कभी-कभी दुसरा के तरीका से अलग होखे पर शर्मावन महसूस करहीं। पर ई अध्याय हम के समझावे ला कि भीतर के शांति बाहरी दिखावा से जादा महत्वपूर्ण बा। हम अपन भीतर के आवाज सुनना सीखू।
आज का करब?
आज बाहरी दिखावा के चक्कर में ना पड़ू। चुपचाप अपन काम करू, भीतर के शांति बनाए राखू। कुछ ना कहिअ, जयादा सुनिअ, आउर मन के शांत राखिअ।
When we renounce learning we have no troubles. The multitude of men look satisfied and pleased; as if enjoying a full banquet, as if mounted on a tower in spring. I alone seem listless and still, my desires having as yet given no indication of their presence. I am like an infant which has not yet smiled. I alone am different from other men, but I value the nursing-mother (the Tao).
एआई आधुनिक
बाहरी पढ़ाई-लिखाई के बात मिटा दिअ, ता ई सार चिंता कहियो ना रहिहीं। सहमति आउर इनकार में कता भारी फरक होई? अच्छा आउर बुरा में कता बड़का अंतर? जवना बात से लोग डरावे ला, ओकरा से डरना चाहीं। पर दुनिया बड़की अनगिनत बा! सब लोग खुशी में मस्त बानी, जइसे कि बड़का भोज में बइठल बानी, जइसे कि बसंत में ऊँचा डबरा पर चढ़ल बानी। हम भर भइया एकला चुपचाप बानी, जइसे कि नवजात बच्चा जे अभी हँसना सीखल ना। थका-माँदा बानी जइसे कि घर ना मिलल होई। दुसरा लोग के पास बहुत कुछ बा, हम भर के पास कुछो नइखे। हम के मन तो मूर्ख-सा बा! दुसरा लोग चमकावे ला, हम भर अँधेरे में रहिहीं। दुसरा लोग तऽ-चऽ करे ला, हम भर चुप रही। झँझर जइसन शांत, समुद्र जइसन बेहिसाब, बवंडर जइसन बिना ठहराव। दुसरा लोग के पास सब कुछ बा, हम भर दरिद्र आउर अज्ञानी बानी। हम दुसरा से अलग बानी, एह से माँ के दूध जइसन पवित्र चीज के कद्र करत बानी।
मोहना विचार
एहि अध्याय में रउआ के का प्रेरित करेला? रउआ एकरा केसे लागू करब?