आसा पाठ हमां सिखावे कि हिम्मत दुइ तरह की होवे - जेरू बणी के करे तो नाश होवे, जेरू ना बणी के करे तो जियू मिले। आसमान काय करे ओय समझना मुश्किल हों, पर आसमान की राह हों - ना लड़ो, ना बोलो, ना बुलावो, पर जीतो।
Key Concepts
敢
不敢
天网
天之道
Cite This Chapter
Laozi, Tao Te Ching, Chapter 73, "ज़ोरू वाली हिम्मत हूं मारू, ज़ोरू ना वाली हिम्मत हूं जियू", laotzu.ai: https://www.laotzu.ai/mwr/chapters/73/
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जो हिम्मत व्हो जेरू बणी के करे, ओ हमारा काम खाता। जो हिम्मत व्हो जेरू ना बणी के करे, ओ जियूदा रेहे। यी दुनो बातें हों - कोई फायदे की, कोई नुकसान की। आसमान काय मनावे, ओय कौण जाणे? एज लायक संत जीव हों तो भी यी बात मुश्किल लागे। आसमान की राह हों - लड़ाई ना करे पर जीते, बोले ना पर जबाब दे, बुलावे ना पर आ जाय। चुपचाप राहे पर योजना बणाय। आसमान का जाल हों बड़ौ, ढीला हों पर काय खोए ना।
गहरो विचार
इ अध्याय किण बारे में है?
आसा पाठ हमां सिखावे कि हिम्मत दुइ तरह की होवे - जेरू बणी के करे तो नाश होवे, जेरू ना बणी के करे तो जियू मिले। आसमान काय करे ओय समझना मुश्किल हों, पर आसमान की राह हों - ना लड़ो, ना बोलो, ना बुलावो, पर जीतो।
इ म्हारे सूं केड़ो संबंधित है?
हमां भी बणी के करे का मन होवे - जल्दी में कोई बात कही जाय, झगड़ा करे, जीतने का चस्का लगे। पर पाठ सिखावे कि चुप राहू, सहज राहू ओय से ज़्यादा हिम्मत हों।
आज म्हैं के करणो चाहीजे?
आज जेर कुछ मन करे तो पहले रुको, सोचो कि ई बात जेरू बणी के हों रही जा या ना। जेरू ना बणी के करे का रास्ता चुनो।
He whose boldness appears in his daring (to do wrong, in defiance of the laws) is put to death; he whose boldness appears in his not daring (to do so) lives on. It is the way of Heaven not to strive, and yet it skilfully overcomes; not to speak, and yet it is skilful in (obtaining) a reply. The meshes of the net of Heaven are large; far apart, but letting nothing escape.
AI Modern
जो हिम्मत व्हो जेरू बणी के करे, ओ हमारा काम खाता। जो हिम्मत व्हो जेरू ना बणी के करे, ओ जियूदा रेहे। यी दुनो बातें हों - कोई फायदे की, कोई नुकसान की। आसमान काय मनावे, ओय कौण जाणे? एज लायक संत जीव हों तो भी यी बात मुश्किल लागे। आसमान की राह हों - लड़ाई ना करे पर जीते, बोले ना पर जबाब दे, बुलावे ना पर आ जाय। चुपचाप राहे पर योजना बणाय। आसमान का जाल हों बड़ौ, ढीला हों पर काय खोए ना।
म्हारो विचार
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