Chapter 43

दुनिया में सबसे कोमल

Quick Answer

एहि अध्याय में बतावे ह कि दुनिया में कोमलपण सबसे ताकतवर ह। पानी जइसा नरम तत्व पत्थर के भी चीर सकता ह। जेकर कोई रूप ना होय, ओही हर जगह घुस सकता ह। बिना करणे के करण से बड़ो फायदो ह।

Key Concepts

  • 至柔
  • 至坚
  • 无为
  • 不言之教

Cite This Chapter

Laozi, Tao Te Ching, Chapter 43, "दुनिया में सबसे कोमल", laotzu.ai: https://www.laotzu.ai/mwr/chapters/43/

Classical Chinese, translation, and AI reflection are shown separately; cite this chapter URL for references.

天下之至柔,驰骋天下之至坚。无有入无间,吾是以知无为之有益。
不言之教,无为之益,天下希及之。
दुनिया में जेकर कोई मूरत ना होय, ओही सबसे कोमल ह। ओही सबसे मजबूत के भीतर दौड़े वळ्या। जेकर आकार ही ना होय, ओही बिना दरार के घुस जाय। हांओं के बिना कुछ करण से मैं फायदो समझ्यो। बिना बोले सिखाण, बिना करणे का नफा - एहनी बात जग में बिरलैयन जाणे।

गहरो विचार

इ अध्याय किण बारे में है?

एहि अध्याय में बतावे ह कि दुनिया में कोमलपण सबसे ताकतवर ह। पानी जइसा नरम तत्व पत्थर के भी चीर सकता ह। जेकर कोई रूप ना होय, ओही हर जगह घुस सकता ह। बिना करणे के करण से बड़ो फायदो ह।

इ म्हारे सूं केड़ो संबंधित है?

मैं बार-बार जोर-जोर से कुछ करण की कोशिश करता रहता हं। लेकिन कोमली से, बिना जोर दियै, बहुत कुछ हासिल हो सकता ह। मेरे जीवण में गुस्सा और जल्दबाजी से जेकर काम बन सकता ह, ओहिको बिना करणे के तरीके से करणा चाहियो।

आज म्हैं के करणो चाहीजे?

आज जब कढ़ो काम आवे, तो पहिले शांत बैठो। बिना जल्दबाजी के, बिना गुस्से के, बस कोमली से सोचो। देखो कि बिना जोर दियै कैसा नतीजा मिलता ह।

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