ई अध्याय हमां बतावै हे कि सुंदर बुरा, भलाई बुराई, आसान कठिन - सारा एक दुसरी पॆ अवलंबू हे। एक बिना दूसरा नांहि। ज्ञानी माणस कुछ ना करी कॆ, काम बणी कॆ, रह नां बणी कॆ रहै हे।
Key Concepts
美丑
善恶
无为
对立统一
Cite This Chapter
Laozi, Tao Te Ching, Chapter 2, "जग हर काईज़ कॆ जाणै हे", laotzu.ai: https://www.laotzu.ai/mwr/chapters/2/
Classical Chinese, translation, and AI reflection are shown separately; cite this chapter URL for references.
जब सारा जग जाणै हे कि सुंदर क्या हे, तॆ बुरा बण जाय हे; जब सारा जग जाणै हे कि भलाई क्या हे, तॆ बुराई बण जाय हे। तेथें हे कि है आई हे, कठिन आसान बण जाय हे, लांबा छोटा बण जाय हे, ऊंचा नीचा बण जाय हे, आवाज़ एक दुसरी हे मिल जाय हे, आगे पीछे एक दुसरी हे साथ रह जाय हे। तेथें ज्ञानी माणस हे कुछ ना करणां हे, बिना बोलणां सिखावै हे; सारी चीज़ां बण जाय हे पण कुछ नां लै हे, काम करै हे पण ओकर पॆ निर्भर नां हे, काम बण जाय हे पण ओमें रह नां हे। क्योंकि ओ रह नां हे, तेथें ओ हमेशा रहे हे।
गहरो विचार
इ अध्याय किण बारे में है?
ई अध्याय हमां बतावै हे कि सुंदर बुरा, भलाई बुराई, आसान कठिन - सारा एक दुसरी पॆ अवलंबू हे। एक बिना दूसरा नांहि। ज्ञानी माणस कुछ ना करी कॆ, काम बणी कॆ, रह नां बणी कॆ रहै हे।
इ म्हारे सूं केड़ो संबंधित है?
मैं हर रोज़ अपणां काम कॆ लेकॆ तनाव में रहै हॆ, पण ई अध्याय हमां सिखावै हे कि काम तॆ करणां, पण ओकर पॆ निर्भर नां रहणां। जब काम बण जाय, तॆ ओमें सिमट जाणां।
आज म्हैं के करणो चाहीजे?
आज मैं कोई काम करणां हॆ, पण जॆमें सफलता मिलॆ या ना मिलॆ, ओकर पॆ निर्भर नां रहणां।
All in the world know the beauty of the beautiful, and in doing this they have (the idea of) what ugliness is; they all know the skill of the skilful, and in doing this they have (the idea of) what the want of skill is.
AI Modern
जब सारा जग जाणै हे कि सुंदर क्या हे, तॆ बुरा बण जाय हे; जब सारा जग जाणै हे कि भलाई क्या हे, तॆ बुराई बण जाय हे। तेथें हे कि है आई हे, कठिन आसान बण जाय हे, लांबा छोटा बण जाय हे, ऊंचा नीचा बण जाय हे, आवाज़ एक दुसरी हे मिल जाय हे, आगे पीछे एक दुसरी हे साथ रह जाय हे। तेथें ज्ञानी माणस हे कुछ ना करणां हे, बिना बोलणां सिखावै हे; सारी चीज़ां बण जाय हे पण कुछ नां लै हे, काम करै हे पण ओकर पॆ निर्भर नां हे, काम बण जाय हे पण ओमें रह नां हे। क्योंकि ओ रह नां हे, तेथें ओ हमेशा रहे हे।
म्हारो विचार
What does this chapter inspire in you? How will you apply it?