ई अध्याय कहैत अछि जे सच्चा ज्ञानी व्यक्ति बकबय नहि करैत अछि कियाकि जे बकबय करैत अछि, ओ जानबय कि ओने अछि। गहन एकता केर मार्ग इन्द्रिय केर द्वार बन्द करबय, तर्क केर अहंकार तोड़बय, विवाद सँ दूर रहबय, आ सबहि कऽ समान दृष्टि सँ देखबय वाला अछि। एहि तरह केर व्यक्ति गुरुजन आ साधारण दोनों सँ समान अछि।
Key Concepts
不言
玄同
和光同尘
Cite This Chapter
Laozi, Tao Te Ching, Chapter 56, "ज्ञानी व्यक्ति मौन रहैत अछि", laotzu.ai: https://www.laotzu.ai/mai/chapters/56/
Classical Chinese, translation, and AI reflection are shown separately; cite this chapter URL for references.
जे व्यक्ति सचमुच ज्ञानी अछि, सोच विचार करबय सँ पहिले ही ओ मौन रहैत अछि। आ जे व्यक्ति बकबय करैत अछि, ओ सचमुच ज्ञानी नहि अछि। आँखि, नाक, मुख केर इन्द्रिय सब केर द्वार बन्द करियै, तर्क केर धारदार अग्र भंजि दियै, विवाद केर गाँठ खोलि दियै, अपन चमक केर नरम करियै, आ समानता केर भूमि मे मिलि जियै - एहि केर नाम अछि गहन एकता। एहि तरह सँ जे व्यक्ति केर साथे एहि गहन एकता मे पहुँचल अछि, ओकर निकट कोनो जात नहि जा सकैत, ओकर दूर कोनो जात नहि करि सकैत; ओकरा कोनो लाभ पहुँचा नहि सकैत, ओकरा कोनो हानि नहि पहुँचा सकैत; ओकरा कोनो मूल्य दिया नहि जा सकैत, ओकरा कोनो हीन मान नहि दिया जा सकैत। एहि तरह ओ समस्त संसार मे सबसँ बेशकीमती व्यक्ति बनि जाइत अछि।
गहन चिंतन
ई अध्याय की बारे में बा?
ई अध्याय कहैत अछि जे सच्चा ज्ञानी व्यक्ति बकबय नहि करैत अछि कियाकि जे बकबय करैत अछि, ओ जानबय कि ओने अछि। गहन एकता केर मार्ग इन्द्रिय केर द्वार बन्द करबय, तर्क केर अहंकार तोड़बय, विवाद सँ दूर रहबय, आ सबहि कऽ समान दृष्टि सँ देखबय वाला अछि। एहि तरह केर व्यक्ति गुरुजन आ साधारण दोनों सँ समान अछि।
एहि कें हमरा सँ की संबंध?
हम सब अक्सर अपन ज्ञान दोसरा कऽ साथे बाँटबय केर जरूरत अनुभव करैत छी मुदा सच्चा ज्ञान मौन मे होइत अछि। गहन एकता केर कल्पना दूर नहि अछि - जखन हम कोनो व्यक्ति कऽ कोनो गुण पर ईर्ष्या नहि करैत छी, नहि तुच्छ मानैत छी, तखन हम ओकर साथे समान स्तर पर अछि। ई मानसिक स्वतन्त्रता अछि जे संसार केर असुविधा सँ मुक्त करैत अछि।
आइ हम की करी?
आजुक दिन मे कोनो बात पर बकबय सँ पहिले दुई बेर सोचियै, आ जे सम्भव हो तँ मौन रहियै। कोनो सहकर्मी या परिवार केर सदस्य कऽ साथे कोनो विवाद मे पड़बय सँ बचियै आ सबहि कऽ दृष्टि सँ देखबय केर प्रयास करियै।
He who knows (the Tao) does not (care to) speak (about it); he who is (ever ready to) speak about it does not know it. This is called 'the Mysterious Agreement.' (Such an one) cannot be treated familiarly or distantly; he is beyond all consideration of profit or injury; of nobility or meanness: he is the noblest man under heaven.
AI आधुनिक
जे व्यक्ति सचमुच ज्ञानी अछि, सोच विचार करबय सँ पहिले ही ओ मौन रहैत अछि। आ जे व्यक्ति बकबय करैत अछि, ओ सचमुच ज्ञानी नहि अछि। आँखि, नाक, मुख केर इन्द्रिय सब केर द्वार बन्द करियै, तर्क केर धारदार अग्र भंजि दियै, विवाद केर गाँठ खोलि दियै, अपन चमक केर नरम करियै, आ समानता केर भूमि मे मिलि जियै - एहि केर नाम अछि गहन एकता। एहि तरह सँ जे व्यक्ति केर साथे एहि गहन एकता मे पहुँचल अछि, ओकर निकट कोनो जात नहि जा सकैत, ओकर दूर कोनो जात नहि करि सकैत; ओकरा कोनो लाभ पहुँचा नहि सकैत, ओकरा कोनो हानि नहि पहुँचा सकैत; ओकरा कोनो मूल्य दिया नहि जा सकैत, ओकरा कोनो हीन मान नहि दिया जा सकैत। एहि तरह ओ समस्त संसार मे सबसँ बेशकीमती व्यक्ति बनि जाइत अछि।
मम विचार
एहि अध्याय अहाँ केँ की प्रेरित करैत अछि? अहाँ एकरा कीदे लागू करब?