ई अध्याय कहैत छल जे एहो विश्व कें कोनो मूल तत्त्व छल जे आकाश आ पृथ्वी स पहिले सेहो छल। ई ताओ सर्वव्यापी आ अनंत छल, जे सब कुछ कें जन्म दैत छल। चारि गोट महान छथि - ताओ, आकाश, पृथ्वी, आरु राजा। प्रकृति कें नियम सब कुछ कें नियंत्रित करैत छथि।
Key Concepts
道
大
自然
四大
Cite This Chapter
Laozi, Tao Te Ching, Chapter 25, "ई विश्वव्यापी तत्त्व", laotzu.ai: https://www.laotzu.ai/mai/chapters/25/
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एहो वस्तु मिश्रित रूप में बनल छल, आकाश आ पृथ्वी स पहिले जन्मल। मौन आ नीहार-सा, एकले खड़ु छल, बिना परिवर्तन, बिना थकान कें चारों ओर घुमैत, सभ जगत कें जननी कहल जा सकैत छल। हमरा ईकरा कें नाम नैं पता, 'ताओ' कहल जा सकैत छल, आरु बलबला कें नाम 'महान' देल गेल। महान माने विलीन होएब, विलीन माने दूर जाएब, दूर माने वापस आबब। एहि कारण ताओ महान छल, आकाश महान छल, पृथ्वी महान छल, राजा सेहो महान छल। जगत में चारि गोट महान छथि, आरु राजा ओहि में स एक्टहु छथि। मनुष्य पृथ्वी कें अनुसरण करैत छल, पृथ्वी आकाश कें, आकाश ताओ कें, आरु ताओ स्वयं प्राकृतिक कें अनुसरण करैत छल।
गहन चिंतन
ई अध्याय की बारे में बा?
ई अध्याय कहैत छल जे एहो विश्व कें कोनो मूल तत्त्व छल जे आकाश आ पृथ्वी स पहिले सेहो छल। ई ताओ सर्वव्यापी आ अनंत छल, जे सब कुछ कें जन्म दैत छल। चारि गोट महान छथि - ताओ, आकाश, पृथ्वी, आरु राजा। प्रकृति कें नियम सब कुछ कें नियंत्रित करैत छथि।
एहि कें हमरा सँ की संबंध?
हमरा जीवन में, हम सदा एहो बात कें याद करब जे हमरा सब कुछ मिलि कें चलैत छै। प्रकृति कें शक्ति हमरा सब कुछ मे मौजूद छै। मनुष्य के रूप में हम प्रकृति कें नियम कें पालन करब।
आइ हम की करी?
आज प्रकृति कें एकटा बात गौर स करब - जइसे पेड़-पौधा, नदी-नाला चलैत छथि। ओहि स सीखब जे सब कुछ अपन गति स चलैत छल आरु ओहि गति मे ही सब कुछ सही चलैत छै।
There was something undefined and complete, coming into existence before Heaven and Earth. How still it was and formless, standing alone, and undergoing no change, reaching everywhere and in no danger (of being exhausted)! It may be regarded as the Mother of all things.
AI आधुनिक
एहो वस्तु मिश्रित रूप में बनल छल, आकाश आ पृथ्वी स पहिले जन्मल। मौन आ नीहार-सा, एकले खड़ु छल, बिना परिवर्तन, बिना थकान कें चारों ओर घुमैत, सभ जगत कें जननी कहल जा सकैत छल। हमरा ईकरा कें नाम नैं पता, 'ताओ' कहल जा सकैत छल, आरु बलबला कें नाम 'महान' देल गेल। महान माने विलीन होएब, विलीन माने दूर जाएब, दूर माने वापस आबब। एहि कारण ताओ महान छल, आकाश महान छल, पृथ्वी महान छल, राजा सेहो महान छल। जगत में चारि गोट महान छथि, आरु राजा ओहि में स एक्टहु छथि। मनुष्य पृथ्वी कें अनुसरण करैत छल, पृथ्वी आकाश कें, आकाश ताओ कें, आरु ताओ स्वयं प्राकृतिक कें अनुसरण करैत छल।
मम विचार
एहि अध्याय अहाँ केँ की प्रेरित करैत अछि? अहाँ एकरा कीदे लागू करब?