ई अध्याय कहैत अछि जे महान धर्म आओर सद्गुण केवल ताओ या मार्गके अनुसरण करबासँ प्राप्त होइत अछि। ताओ स्वयं अदृश्य, अस्पष्ट, आओर बुद्धिसे अगम्य अछि, किन्तु ओहिमे वास्तविक सार, शुद्ध ऊर्जा, आओर सत्य अछि। एहि अदृश्य शक्तिसँ ही सब वस्तु उत्पन्न हेबय अछि, आओर ओकर ज्ञानसँ सब किछु समझमे आबैत अछि।
Key Concepts
道
德
恍惚
精信
Cite This Chapter
Laozi, Tao Te Ching, Chapter 21, "महान धर्मक स्वरूप", laotzu.ai: https://www.laotzu.ai/mai/chapters/21/
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महान धर्म (कुंजर धर्म) जे आचरण करैत अछि, सोझाँ केवल मार्ग (ताओ) के अनुसार चलैत अछि। मार्ग जे वस्तु अछि, सोझाँ ओ केवल अस्पष्ट आओर अनिश्चित अछि। अस्पष्ट अछि, अनिश्चित अछि, किन्तु ओहिमे प्रतीक अछि। अनिश्चित अछि, अस्पष्ट अछि, किन्तु ओहिमे वास्तविक वस्तु अछि। गहन अछि आओर दूर अछि, किन्तु ओहिमे शुद्ध सार अछि जे बहुत सच्च अछि, आओर ओकर परीक्षा निश्चित रूपसें होइत अछि। प्राचीन कालसँ आजि धरि, ई नाम मिटल नै अछि, जे सब उत्पत्तिके पहिचानत अछि। हम कोनों तरहसँ जानैत छी जे सब उत्पत्ति के अवस्था कोनों अछि? एहीसँ।
गहन चिंतन
ई अध्याय की बारे में बा?
ई अध्याय कहैत अछि जे महान धर्म आओर सद्गुण केवल ताओ या मार्गके अनुसरण करबासँ प्राप्त होइत अछि। ताओ स्वयं अदृश्य, अस्पष्ट, आओर बुद्धिसे अगम्य अछि, किन्तु ओहिमे वास्तविक सार, शुद्ध ऊर्जा, आओर सत्य अछि। एहि अदृश्य शक्तिसँ ही सब वस्तु उत्पन्न हेबय अछि, आओर ओकर ज्ञानसँ सब किछु समझमे आबैत अछि।
एहि कें हमरा सँ की संबंध?
हम अक्सर ठोस आओर दृश्य वस्तुके महत्व दैत छी, किन्तु ई अध्याय हमरा स्मरण कराबैत अछि जे जीवनक सबसँ गहन सत्य अदृश्य अछि। हम अपन जीवनमे बाह्यी सफलता आओर पदार्थक बजाय आंतरिक मार्गके अनुसरण करब चाहैत छी।
आइ हम की करी?
आज कोनों देखैत बेर, जेना फूल, पत्थर, या आकाशमे तारा, ओकरा ध्यानसें देखू। देखैत समय एहि बातका अनुभव करू जे दृश्य वस्तुके पाछाँ कोनों गहन शक्ति या उर्जा काज करैत अछि। ओहि क्षण एकटा जर्नलमे लिखू जे ताहि समय आपन भावना कतेक शांत आओर गहन भेल।
The grandest forms of active force From Tao come, their only source. Who can of Tao the nature tell? Our sight it flies, our touch as well. Eluding sight, eluding touch, The forms of things all in it crouch; Eluding touch, eluding sight, There are their semblances, all right. Profound it is, dark and obscure; Things' essences all there endure.
AI आधुनिक
महान धर्म (कुंजर धर्म) जे आचरण करैत अछि, सोझाँ केवल मार्ग (ताओ) के अनुसार चलैत अछि। मार्ग जे वस्तु अछि, सोझाँ ओ केवल अस्पष्ट आओर अनिश्चित अछि। अस्पष्ट अछि, अनिश्चित अछि, किन्तु ओहिमे प्रतीक अछि। अनिश्चित अछि, अस्पष्ट अछि, किन्तु ओहिमे वास्तविक वस्तु अछि। गहन अछि आओर दूर अछि, किन्तु ओहिमे शुद्ध सार अछि जे बहुत सच्च अछि, आओर ओकर परीक्षा निश्चित रूपसें होइत अछि। प्राचीन कालसँ आजि धरि, ई नाम मिटल नै अछि, जे सब उत्पत्तिके पहिचानत अछि। हम कोनों तरहसँ जानैत छी जे सब उत्पत्ति के अवस्था कोनों अछि? एहीसँ।
मम विचार
एहि अध्याय अहाँ केँ की प्रेरित करैत अछि? अहाँ एकरा कीदे लागू करब?