अध्याय 9
अतिरेक का परिणाम
मूल
持而盈之,不如其已;揣而锐之,不可长保。
金玉满堂,莫之能守;富贵而骄,自遗其咎。
功遂身退,天之道也。
金玉满堂,莫之能守;富贵而骄,自遗其咎。
功遂身退,天之道也。
अनुवाद
अपने हाथों को भरकर रखना, उसे छोड़ देने से बेहतर है; तेज करके धारदार बनाना, उसे लंबे समय तक सुरक्षित नहीं रख सकता। सोने और जवाहरात से भरा घर, कोई उसकी रक्षा नहीं कर सकता; धन और प्रतिष्ठा से अभिमान करना, अपने लिए विपत्ति को आमंत्रित करना है। कार्य सफल होने पर पीछे हट जाना, यही स्वर्ग का मार्ग है।
गहन चिंतन
यह अध्याय किस बारे में है?
यह अध्याय अतिरेक और अहंकार के खतरों को दर्शाता है। संग्रह, तीक्ष्णता, धन, और अभिमान स्थायी नहीं हैं। सफलता के बाद विनम्रता और संयम से पीछे हटना ही प्राकृतिक नियम है। यह संतुलन और त्याग का महत्व सिखाता है।
इसका मुझसे क्या संबंध है?
यह मुझे चेतावनी देता है कि अत्यधिक लालच और अहंकार विनाश का कारण बन सकते हैं। मैं अपनी सफलताओं पर गर्व करने के बजाय विनम्र रहूँ और जब समय हो, तो पीछे हटना सीखूँ। यह मेरे जीवन में संतुलन और शांति लाएगा।
आज मुझे क्या करना चाहिए?
आज, अपने किसी कार्य या उपलब्धि पर गर्व करने के बजाय, उसे छोड़ने का अभ्यास करूँ। किसी ऐसी चीज़ को त्यागूँ जो मुझे अत्यधिक आसक्त बना रही है।
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