अध्याय 17

सर्वोच्च शासक

太上,下知有之;其次,亲而誉之;其次,畏之;其次,侮之。信不足焉,有不信焉。
悠兮其贵言。功成事遂,百姓皆谓我自然。
सर्वोच्च शासक के अधीन, लोग बस उसके अस्तित्व को जानते हैं। अगले स्तर पर, वे उससे प्रेम करते हैं और उसकी प्रशंसा करते हैं। अगले स्तर पर, वे उससे डरते हैं। अगले स्तर पर, वे उसका तिरस्कार करते हैं। जब विश्वास की कमी होती है, तो अविश्वास पैदा होता है। वह शांत रहता है और अपने शब्दों को महत्व देता है। जब उसका कार्य पूरा हो जाता है और सफलता मिलती है, तो लोग कहते हैं, 'हमने यह स्वाभाविक रूप से किया।'

गहन चिंतन

यह अध्याय किस बारे में है?

यह अध्याय नेतृत्व के विभिन्न स्तरों का वर्णन करता है। सर्वोच्च नेता वह है जो अदृश्य रूप से मार्गदर्शन करता है, जिससे लोग अपनी सफलता को स्वाभाविक मानते हैं, न कि नेता के कारण।

इसका मुझसे क्या संबंध है?

यह मुझे सिखाता है कि सच्चा नेतृत्व नियंत्रण या प्रशंसा में नहीं, बल्कि इस तरह से कार्य करने में है कि दूसरे अपनी शक्ति और स्वतंत्रता को महसूस करें। मैं अपने जीवन में, चाहे परिवार में या कार्य में, इस सिद्धांत को लागू कर सकता हूँ।

आज मुझे क्या करना चाहिए?

आज, किसी कार्य को करते समय, दूसरों को श्रेय लेने दें और अपने योगदान को पृष्ठभूमि में रखें। देखें कि वे कैसे अधिक सशक्त महसूस करते हैं।

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मेरा चिंतन

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