Chapter 17
सबसे उच्च
Original
太上,下知有之;其次,亲而誉之;其次,畏之;其次,侮之。信不足焉,有不信焉。
悠兮其贵言。功成事遂,百姓皆谓我自然。
悠兮其贵言。功成事遂,百姓皆谓我自然。
अनुवाद
सबसे उच्च राजा हे, ता दा अस्तित्व जाणे-पहचाने बिना जीवन चलदा ह। भीतर-भीतर सबसे अच्छा ह। दूजा दर्जा राजा हे, जेहड़ा नज़दीक ह, जिस नू लोग प्यार करदे हन अउर बड़ाई देईदे हन। तीजा दर्जा राजा हे, जेहड़ा डरावना ह, जिस नू लोग कांपदे हन। चौथा दर्जा राजा हे, जेहड़ा घटियाल ह, जिस नू लोग तुच्छ समझदे हन। जे राजा दी विश्वासयोग्यता कम हुई, ता लोग अविश्वासी बने जांदे हन। ऐसा राजा जेहड़ा अपने शब्दा दी कीमत जाणदा ह, ओह दूर रहदा ह। जे काम सफलता नाल पूरे हो जांदे हन, ता लोग कहंदे हन कि हम सब अपने आप ऐसा करदे हन।
गहरी सोच
ऐ चैप्टर बारे में क्या ऐ?
हे चैप्टर बांदा ह कि सबसे बेहतर शासन वो हे जेहड़ा लोगा दी नज़र में ही ना आवे। जे राजा जितना दूर रहे, उतना बढ़िया ह। लोगा दा अपने आप नू ऐसा समझना कि उन्होंने खुद करना ह, ओह सबसे बड़ी सफलता ह।
एह मेरे कन्ने किवें संबंधित ऐ?
मेरे जीवन दे कई हालाता दा में खुद बन गया हां। जे काम मैं बिना दिखावे करे किए पूरे किए, उन्हें लोग भूल जांदे हन पर उन दा प्रभाव लम्बा रहदा ह।
What should I do today?
आज मैं कोय ऐसा काम करांगा जेकरा दी कोई कद्र ना करे, पर जे सच्चा ह। बिना किसी नूं बताएं कि मैं क्या करदा हां।
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मेरी सोच
What does this chapter inspire in you? How will you apply it?