अध्याय 36
जे जोर से पकड़ी जाई
Quick Answer
ई अध्याय बतावे बा कि कुछ भी पाने ले पहिले देना पड़ेला। जे सिकुड़ल जाई, ओकरा पहिले फइलावल जाई। ई कहल जाला 'छोट बुद्धि' जा 'सूक्ष्म समझ'। नरम चीज जोरदार चीज पर जित जाला। मछरी जइसे गहिरे पानी में रहेला, वइसे राष्ट्र के बढ़िया हथियार गुप्त रहे के चाहीं।
Key Concepts
- 微明
- 柔弱
- 刚强
- 阴阳
Cite This Chapter
Laozi, Tao Te Ching, Chapter 36, "जे जोर से पकड़ी जाई", laotzu.ai: https://www.laotzu.ai/awa/chapters/36/
Classical Chinese, translation, and AI reflection are shown separately; cite this chapter URL for references.
Original
柔弱胜刚强。鱼不可脱于渊,国之利器不可以示人。
अनुवाद
गहरा चिंतन
यह अध्याय किस बारे में है?
ई अध्याय बतावे बा कि कुछ भी पाने ले पहिले देना पड़ेला। जे सिकुड़ल जाई, ओकरा पहिले फइलावल जाई। ई कहल जाला 'छोट बुद्धि' जा 'सूक्ष्म समझ'। नरम चीज जोरदार चीज पर जित जाला। मछरी जइसे गहिरे पानी में रहेला, वइसे राष्ट्र के बढ़िया हथियार गुप्त रहे के चाहीं।
यह मुझसे कैसे संबंधित है?
जइसे मछरी पानी में तैराला पर गहिरे में डूबल रहाला, वइसे हमियो अपन ताकत के ना दिखावे त भलाई होला। लोग अक्सर अपन सम्पत्ति-ताकत देखावे बा, पर सच्चा ताकत तब निकलेला जब ओकरा छुपावल जाई। हम बाहरी दिखावा के बजाय भीतरी शक्ति पे ध्यान दिब।
आज मुझे क्या करना चाहिए?
आज के दिन हम अपन तनिक ताकत-ढंग कम दिखाबब। जे आपन में बा, ओके चुपके से बनावे दिब। मन में रखब कि जे दिखावेला, ओकरा पे नियंत्रण ना रहेला। गहिरे पानी जइसे शांत रहके अपन राह बनावब।
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मेरा चिंतन
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