अध्याय 1
मारग बतावल जा सकेला, ओहका मारग नाही
Quick Answer
ई अध्याय कहेला कि सच्चा मारग शब्द से बतावल ना जा सकेला। जे कुछ हम कहले जा सकत बानी ओहो असली तत्त्व नाही। बिना नाँव वाला बात पहिले से मौजूद बा, आ नाँव वाला बात जगत के जनम देले। चाहे जा नाँव धर लेले, ओहो असली नाही। दुनों एकही जगह से निकले बा पर अलग बा, आ ई गहरा रहस्य बा जे सब रहस्य के कुंजी बा।
Key Concepts
- 道
- 名
- 无
- 有
- 玄
Cite This Chapter
Laozi, Tao Te Ching, Chapter 1, "मारग बतावल जा सकेला, ओहका मारग नाही", laotzu.ai: https://www.laotzu.ai/awa/chapters/1/
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Original
无名天地之始,有名万物之母。
故常无欲,以观其妙;常有欲,以观其徼。
此两者同出而异名,同谓之玄。玄之又玄,众妙之门。
अनुवाद
गहरा चिंतन
यह अध्याय किस बारे में है?
ई अध्याय कहेला कि सच्चा मारग शब्द से बतावल ना जा सकेला। जे कुछ हम कहले जा सकत बानी ओहो असली तत्त्व नाही। बिना नाँव वाला बात पहिले से मौजूद बा, आ नाँव वाला बात जगत के जनम देले। चाहे जा नाँव धर लेले, ओहो असली नाही। दुनों एकही जगह से निकले बा पर अलग बा, आ ई गहरा रहस्य बा जे सब रहस्य के कुंजी बा।
यह मुझसे कैसे संबंधित है?
हम अक्सर चीज़न के सीमा बैठा देत बानी जे बात के नाँव देत बानी ओहसे ऊ चीज़ के सार नाही होत। जइसे मऽऽ अक्सर लोग कहेला 'ई हमार बा' पर ओहमें मऽऽ भूल जात बानी कि असली मूल्य बिना बतावले के भी मौजूद बा। ई मुझे सिखावेला कि कुछ बातन के बस अनुभव करल जाय, नाँव देवे के कोशिश ना कइल जाय।
आज मुझे क्या करना चाहिए?
आज जब तुम कवनो चीज़ के नाँव धरावत बानी या कवनो अनुभव के ज़बान में बतावे के कोशिश करी, तब रुक के सोचल जाय कि ओह चीज़ के असली सार ओह नाँव से बेसी बा। बस अनुभव करल जाय, बिना ज़बान के सीमा में ना बाँधल जाय।
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मेरा चिंतन
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