अध्याय 43

दुनिया के सबसे नरम बाँत

天下之至柔,驰骋天下之至坚。无有入无间,吾是以知无为之有益。
不言之教,无为之益,天下希及之。
दुनिया के सबसे नरम बाँत, दुनिया के सबसे सख्त बाँत के भीतर दौड़े ला। जेकर कुछ नइखे, ओहिजा जा सके ला - एही से हम जानल जा, बिना करे के फायदा कवना हवे। बिना बोले के सिखावन, बिना करे के फायदा - दुनिया में कमही लोग ओहिजा पावत बानी।

गहरा चिंतन

यह अध्याय किस बारे में है?

एहि अध्याय में कहल गइल बा कि दुनिया के सबसे नरम चीज सबसे सख्त चीज के भी परभाव में रखे ले। जेकरा में कुछ नइखे - अइसन बात जेकरा न कुछ बा न कुछ गँवावे के - ऊ अंतर के भीतर जा सके ले। ई बिना करे के गुरुता के बात बतावे ला।

यह मुझसे कैसे संबंधित है?

मेरे जीवन में जब हम नरम बने के कोसिस करत बानी, तब लोग हमरा के कमजोर समझत बानी। बाकी ई अध्याय हमें सिखावे ला कि सच्चा ताकत नरमपन में बा। जब हम जल्दबाजी में कुछ करे के कोसिस करे लीं, तब बहुत ऊर्जा खतम हो जाले।

आज मुझे क्या करना चाहिए?

आजकल जब तनाव होखे, बिना जल्दबाजी के कुछ न करे के कोसिस करीं। साँस ले के शांत बने के कोशिश करीं आ देखीं कि बिना करे के भी चीज़न कइसे अपने आप ठीक हो जाबे।

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मेरा चिंतन

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