अध्याय 2
जगत में सब जानत बा कि सुंदर काहें बा
Original
故有无相生,难易相成,长短相较,高下相倾,音声相和,前后相随。
是以圣人处无为之事,行不言之教;万物作焉而不辞,生而不有,为而不恃,功成而弗居。夫唯弗居,是以不去。
अनुवाद
गहरा चिंतन
यह अध्याय किस बारे में है?
ई अध्याय कहेला कि सब कुछ एकदूसर के सामने बा - सुंदर के बिना कुरूप ना हो सकेला, अच्छा के बिना बुरा ना हो सकेला। सब चीज़ एकदूसर से जुड़ल बा। संत लोग ओहसे परे रहेला - ऊ कुछ ना करेला पर सब कुछ हो जाला, ऊ कुछ ना कहेला पर सब कुछ सिखा देला। ऊ काम बनावेला पर ना चिपकेला, फल पावेला पर ना टिकेला। एही से ओकरा के कुछ ना जाय।
यह मुझसे कैसे संबंधित है?
मऽऽ जब देखत बानी कि मेरे जीवन में कवनो बात अच्छा भइल या बुरा भइल, तऽऽ मुझे समझ में आवेला कि दुनों एकदूसर के बिना ना रह सकत बा। जइसे लफ़्ज़ के साथ अर्थ बा, वइसे अच्छा के साथ बुरा बा। जब मऽऽ कवनो काम करत बानी आ ओहमें फल की उम्मीद लगावत बानी, तऽऽ मुझे ई याद करे के चाहीं कि चिपकल ना जाय।
आज मुझे क्या करना चाहिए?
आज कवनो काम करत घरी फल की चिंता ना करल जाय। बस पूरा मन से करल जाय आ जब हो जाय तऽऽ आगे बढ़ जाय। अगर कवनो बात अच्छा भइल तऽऽ खुशी मनावल जाय, बुरा भइल तऽऽ बुरा ना मानल जाय - बस समझल जाय कि ई भी बीत जाई।
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