Chapter 68
हियावा ना लड़ाई
Quick Answer
या अध्याय में बतावे हैं के सच्ची विजय लड़ाई में ना, बल्कि लड़ाई छोड़िण में है। जे कोई युद्ध में विजयी होय ता हाँ हियावा ना गुस्सा ना करिणो, दुश्मन ना भेंटिणो अर सब थां नीचा रहिणो।
Key Concepts
- 不武
- 不怒
- 不争
Cite This Chapter
Laozi, Tao Te Ching, Chapter 68, "हियावा ना लड़ाई", laotzu.ai: https://www.laotzu.ai/mwr/chapters/68/
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Original
是谓不争之德,是谓用人之力,是谓配天古之极。
अनुवाद
या कहिये हैं बिना लड़े जीतण की शक्ति, या कहिये हैं मनुआं कै काम लेण की ताकत, या कहिये हैं जे परमात्मा जैसा पुरानो अंतिम सीमा हुवे।
गहरो विचार
इ अध्याय किण बारे में है?
या अध्याय में बतावे हैं के सच्ची विजय लड़ाई में ना, बल्कि लड़ाई छोड़िण में है। जे कोई युद्ध में विजयी होय ता हाँ हियावा ना गुस्सा ना करिणो, दुश्मन ना भेंटिणो अर सब थां नीचा रहिणो।
इ म्हारे सूं केड़ो संबंधित है?
म्हारै जीव में हाँ कई बार अर लड़ाई-झगड़ा करण की इच्छा होय है। पर या अध्याय म्हकां सिखावे हैं के जे हाथ पीछे राखिणो अर नीचो रहिणो, ता हाँ सच्ची विजय तेकरी होय है।
आज म्हैं के करणो चाहीजे?
आज जे कोई म्हारी आलोचना करे या म्हकां नीचा दिखावण की कोशिश करे, ता हाँ जवाब ना देणो। शांति राखिणो अर नम्र रहिणो। जे मनुआं पीछे हटे सो आगे निकलै।
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म्हारो विचार
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