हूँ बतावदा हे कि शस्त्र असलथ वस्तु हन। जेमलो काम मारणौ-काटणौ हे, ओ सारी सृष्टि घृणा करदी हे। कोई साधु पुरुष हाथौ शस्त्र नांही लेवदौ। युद्ध मऊ तभी करनौ चाहियौ जब और रास्तौ नांही बचे। जीत भयो तौ भी हर्ष नांही मनावनौ चाहियौ, कैलोकि जे जीत पर खुश होवे हे सो हत्यारो हे। सेनापतियन की बैठक भी ओझा की तरह होनी चाहियौ।
Key Concepts
兵
不祥
恬淡
丧礼
Cite This Chapter
Laozi, Tao Te Ching, Chapter 31, "शस्त्र असलथ वस्तु वगैरन", laotzu.ai: https://www.laotzu.ai/mwr/chapters/31/
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शस्त्र वगैरन होर सादथ वस्तु हन, नश्ट करण वाली काम नांही। सारी सृष्टि हाथौ हिट करदी हे, एजैलो जाण्या वालो पुरुष हाथौ दूर रेहदा हे। आदरणीय पुरुष घर मऊ रहत है तौ बाईं हाथ की रीत निभावदा हे, शस्त्र लेणौ भयो तौ दाहिनौ हाथ उचित हे। युद्ध खराब हथियार हन, आदरणीय पुरुष कैलो जोग नांही। जब जबरदस्ती लेणौ पड़े तौ तौ भारी मन हानौ चाहियौ। जीत पर खुशी नांही मनावनी चाहियौ, जो जीत पर खुश होवे हे सो मारण मऊ खुश हे। जो मारण मऊ रस लेवे हे, ओ हरगिज़ दुनिया मऊ सफल नांही हो सकदौ। शुभ काम मऊ बाईं हाथ की रीत रखदा हे, अशुभ काम मऊ दाहिनौ हाथ की रीत रखदा हे। छोटौ सेनापति बाईं तरफ रेहदा हे, बडौ़ सेनापति दाहिनौ तरफ रेहदा हे। युद्ध की बात ओझा के कारण हे। बहुत जण मारणौ पड़े तौ दुख मनावनौ चाहियौ, जीत भयो तौ भी ओझा की रीत हे।
गहरो विचार
इ अध्याय किण बारे में है?
हूँ बतावदा हे कि शस्त्र असलथ वस्तु हन। जेमलो काम मारणौ-काटणौ हे, ओ सारी सृष्टि घृणा करदी हे। कोई साधु पुरुष हाथौ शस्त्र नांही लेवदौ। युद्ध मऊ तभी करनौ चाहियौ जब और रास्तौ नांही बचे। जीत भयो तौ भी हर्ष नांही मनावनौ चाहियौ, कैलोकि जे जीत पर खुश होवे हे सो हत्यारो हे। सेनापतियन की बैठक भी ओझा की तरह होनी चाहियौ।
इ म्हारे सूं केड़ो संबंधित है?
मईं भी क्रोध मऊ हाथौ लडणौ चाहता हाँ, जैबलो मन मऊ विचार आवे हन कि दुश्मन कैलो जीत गयो। पर ओ विचार झूठौ हन। सच्ची शक्ति लडणौ नांही, सहणौ हे। जब कौनो मुठभेड़ होवे हे मईं मनावदा हाँ कि जीत तभी सच्ची हे जब मन मऊ शांत रहे।
आज म्हैं के करणो चाहीजे?
आज जब कौनो झगडौ़ होवे या मन मऊ क्रोध आवे, तौ शांत बैठणौ अरू बात बणावणौ। हाथ मऊ कुछ तोडणौ-मरोडणौ की जगह, एक गहरौ सास लेणौ अरू मन मऊ शांत करणौ।
Now arms, however beautiful, are instruments of evil omen, hateful, it may be said, to all creatures. Therefore they who have the Tao do not like to employ them. The superior man ordinarily considers the left hand the most honourable place, but in time of war the right hand.
AI Modern
शस्त्र वगैरन होर सादथ वस्तु हन, नश्ट करण वाली काम नांही। सारी सृष्टि हाथौ हिट करदी हे, एजैलो जाण्या वालो पुरुष हाथौ दूर रेहदा हे। आदरणीय पुरुष घर मऊ रहत है तौ बाईं हाथ की रीत निभावदा हे, शस्त्र लेणौ भयो तौ दाहिनौ हाथ उचित हे। युद्ध खराब हथियार हन, आदरणीय पुरुष कैलो जोग नांही। जब जबरदस्ती लेणौ पड़े तौ तौ भारी मन हानौ चाहियौ। जीत पर खुशी नांही मनावनी चाहियौ, जो जीत पर खुश होवे हे सो मारण मऊ खुश हे। जो मारण मऊ रस लेवे हे, ओ हरगिज़ दुनिया मऊ सफल नांही हो सकदौ। शुभ काम मऊ बाईं हाथ की रीत रखदा हे, अशुभ काम मऊ दाहिनौ हाथ की रीत रखदा हे। छोटौ सेनापति बाईं तरफ रेहदा हे, बडौ़ सेनापति दाहिनौ तरफ रेहदा हे। युद्ध की बात ओझा के कारण हे। बहुत जण मारणौ पड़े तौ दुख मनावनौ चाहियौ, जीत भयो तौ भी ओझा की रीत हे।
म्हारो विचार
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