Chapter 81
सच्ची बात सुंदर नाय होती
Original
圣人不积,既以为人己愈有,既以与人己愈多。
天之道,利而不害;圣人之道,为而不争。
अनुवाद
गहरो विचार
इ अध्याय किण बारे में है?
सच्ची बात सुंदर नाय होती - जे बात सच्ची होंय ओ तीखी-कड़वी लगे हुई। सुंदर बात सच्ची नाय होती - जे सुंदर बोलो होंय ओ झूठो होय। भलो करणेवालो बहस नाय करे - जे भलो करे सो बहस नाय करे, जे बहस करे सो भलो नाय करे। समझदार बहुत जान नाय रखे - जे सच में समझे सो बहुत जान की चाह नाय करे, जे बहुत जान रखे सो सच में नाय समझे। संत जीव कुछ नाय जोड़े राखे - ओ कुछ इकट्ठा नाय करे, बस देता रहे। जे दुसरनूं देदे सो अपनूं बांकौरा होंय जाय, जे देयो हुई होंय सो अपनूं भरपूर होंय जाय। आसमान की राह सबनूं फायदा पहुंचाये हुई, कसूं नाय करे; संत जीव की राह सब कुछ करे हुई, मगर झगड़ो नाय करे।
इ म्हारे सूं केड़ो संबंधित है?
हम जे बोले रेहैं, ओमें सच्चाई नाय होती कई बार। सुंदर बोली में झूठ छिपायो रेहै। हम बहस करे रेहैं अक्सर, मगर ई बहस में कुछ नाय मिलता। बहुत जान इकट्ठा करे रेहैं - किताब, खबर, बात - मगर सच्ची समझ नाय आती। देणो-देन पड़ गयो - जे देता हुई सो पाता हुई, जे जोड़े राखता हुई सो खाली हाथ रेहे। झगड़ो भी बंद करणो हुई - बस काम करे जायो, बहस नाय करे।
आज म्हैं के करणो चाहीजे?
आज एक बार सच्ची बात बोले, भले ही कड़वी लगे। बहस करणो बंद करे, बस काम करे जाय। जे कसूं दे सकते रेहैं - पैसा, बात, मदद - बांकुरा हाथ से दे। कुछ जोड़े राखणो बंद करे, बस देता रहो। बस ई सोच के कि आसमान सबनूं बराबर देखे हुई, हमनूं भी बराबर देखणो हुई।
संबंधित अध्याय
म्हारो विचार
What does this chapter inspire in you? How will you apply it?