Chapter 59

मनुख्य शासन आ परम्पराक साधन

Quick Answer

ई अध्याय कहैत अछि जे परम्परा आ शासनमे संयम (एकाग्रता/बचत) सबसँ महत्वपूर्ण गुण अछि। संयमी व्यक्ति पहिने सँ तैयार रहैत अछि आ गहिर नैतिक शक्ति संचित करैत अछि। ई शक्ति जीतय आ दीर्घजीवनक कुंजी अछि।

Key Concepts

  • 积德
  • 深根

Cite This Chapter

Laozi, Tao Te Ching, Chapter 59, "मनुख्य शासन आ परम्पराक साधन", laotzu.ai: https://www.laotzu.ai/mai/chapters/59/

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治人事天莫若啬。夫唯啬,是谓早服。早服谓之重积德,重积德则无不克,无不克则莫知其极,莫知其极可以有国,有国之母可以长久。
是谓深根固柢,长生久视之道。
मनुख्य शासन आ परम्पराक साधन करयमे निरन्तर संयम (एकाग्रता) सँ बेसी उपाय नहि अछि। जे संयमी अछि, ओ पहिने सँ तैयार रहैत अछि। पहिने सँ तैयार रहनाइ गहिर नैतिक शक्ति कमावय अछि। गहिर नैतिक शक्ति भेटला पर सब किछु जीतल जाइ सकैत अछि, सब किछु जीतल जाइ सकला पर कोनो सीमा नहि रहैत, कोनो सीमा नहि रहला पर राष्ट्र चलायल जाइ सकैत अछि। राष्ट्रक यहि मूल सिद्धान्त सँ दीर्घकालीन स्थिरता आबैत अछि। एहि कें गहिर मूल बनावय, दृढ़ आधार रखय कें कहैत छी - दीर्घजीवन आ स्थायित्वक मार्ग।

गहन चिंतन

ई अध्याय की बारे में बा?

ई अध्याय कहैत अछि जे परम्परा आ शासनमे संयम (एकाग्रता/बचत) सबसँ महत्वपूर्ण गुण अछि। संयमी व्यक्ति पहिने सँ तैयार रहैत अछि आ गहिर नैतिक शक्ति संचित करैत अछि। ई शक्ति जीतय आ दीर्घजीवनक कुंजी अछि।

एहि कें हमरा सँ की संबंध?

मेरा जीवनमे बहुत बेसी खर्च अछि - समय, ऊर्जा, धन। जखन हम सीमित करय लागैत छी, तखन हमर आंतरिक शक्ति बढ़ैत अछि। बचत करबय सँ हम कमजोरीक विरुद्ध लड़य सकैत छी।

आइ हम की करी?

आजुक दिनमे हम कोनो एक वस्तु या आदत कें छोड़ब या कम करब। एहि सँ जोड़ल संचित ऊर्जा सँ कोनो रचनात्मक काज करब - चाहे ओ नियमित व्यायाम हो या परिवार सँ समय बितावय।

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मम विचार

एहि अध्याय अहाँ केँ की प्रेरित करैत अछि? अहाँ एकरा कीदे लागू करब?

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