Chapter 40
विपरीत गामिन यात्रा
Quick Answer
एहि अध्याय मे कहल गेल अछि जे यात्रा कें गति विपरीत दिशा मे होइछ - जखन किछु अपन चरम सीमा पर पहुँच जाइछ तँ ओ वापस मुड़ि जाइछ। दुर्बलता कें माध्यम स यात्रा आपन कार्य करइछ। सभ बस्तु जे अछि ओकरा जन्म अनअछि सँ भेलक अछि, आ ओ अनअछि सँ भेलक अछि।
Key Concepts
- 反
- 弱
- 有
- 无
Cite This Chapter
Laozi, Tao Te Ching, Chapter 40, "विपरीत गामिन यात्रा", laotzu.ai: https://www.laotzu.ai/mai/chapters/40/
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मूल
अनुवाद
गहन चिंतन
ई अध्याय की बारे में बा?
एहि अध्याय मे कहल गेल अछि जे यात्रा कें गति विपरीत दिशा मे होइछ - जखन किछु अपन चरम सीमा पर पहुँच जाइछ तँ ओ वापस मुड़ि जाइछ। दुर्बलता कें माध्यम स यात्रा आपन कार्य करइछ। सभ बस्तु जे अछि ओकरा जन्म अनअछि सँ भेलक अछि, आ ओ अनअछि सँ भेलक अछि।
एहि कें हमरा सँ की संबंध?
महिना कें साथ मे जखन जीवन मे कठिनाइयाँ आइछ तँ मैं समझैत छी जे ई प्रकृति कें नियम अछि। हर उच्चतम बिन्दु पछातक अधःपतन होइछ आ हर गहिर खाई पछातक ऊर्ध्वगति। मेरा सीखैले जे दुर्बलता मे शक्ति अछि।
आइ हम की करी?
आजु किछु कठिन कार्य स हटि नहि जाए जाए। अस्तित्व कें प्रकृति पर विश्वास करैत हुए कोनो नव अवसर कें स्वागत करू।
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मम विचार
एहि अध्याय अहाँ केँ की प्रेरित करैत अछि? अहाँ एकरा कीदे लागू करब?