अध्याय 19
सादगी की ओर लौटना
मूल
绝圣弃智,民利百倍;绝仁弃义,民复孝慈;绝巧弃利,盗贼无有。
此三者以为文不足,故令有所属:见素抱朴,少私寡欲。
此三者以为文不足,故令有所属:见素抱朴,少私寡欲。
अनुवाद
पवित्रता को त्यागो और ज्ञान को छोड़ दो, लोगों को सौ गुना लाभ होगा। दया को त्यागो और धर्म को छोड़ दो, लोग पुत्रवत् प्रेम और करुणा पर लौट आएंगे। चतुराई को त्यागो और लाभ को छोड़ दो, चोर और लुटेरे नहीं रहेंगे। ये तीनों अकेले पर्याप्त नहीं हैं, इसलिए कुछ और भी आवश्यक है: सरलता को देखो और मौलिकता को अपनाओ, स्वार्थ को कम करो और इच्छाओं को सीमित करो।
गहन चिंतन
यह अध्याय किस बारे में है?
यह अध्याय बताता है कि बाहरी ज्ञान, नैतिकता और कुशलता का दिखावा छोड़कर सादगी और मौलिकता को अपनाने से व्यक्ति और समाज दोनों को लाभ होता है।
इसका मुझसे क्या संबंध है?
मैं अक्सर जटिल ज्ञान और कौशल प्राप्त करने में लगा रहता हूँ, लेकिन यह मुझे याद दिलाता है कि सच्ची शांति सादगी और आत्म-नियंत्रण में है।
आज मुझे क्या करना चाहिए?
आज, मैं अपनी इच्छाओं और स्वार्थ को कम करने का प्रयास करूंगा, और सादगी से जीने पर ध्यान दूंगा।
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मेरा चिंतन
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