अध्याय 47
दरवाजा ना खोले के बिद्या
Quick Answer
ई अध्याय कहेला कि असली ज्ञान बाहर जाए के जरूरत ना बा। जे आदमी बाहर-भीतर सब जगह घुमत फिरेला, ओकरा के अंदर के बात कम पता चलेला। संत आत्मा के गहिराई में झाँकत रहेला, बाहर के दौड़-धूप में ना पड़त रहेला।
Key Concepts
- 内观
- 不行而知
- 天道
Cite This Chapter
Laozi, Tao Te Ching, Chapter 47, "दरवाजा ना खोले के बिद्या", laotzu.ai: https://www.laotzu.ai/bho/chapters/47/
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मूल
是以圣人不行而知,不见而名,不为而成。
अनुवाद
गहन चिंतन
एहि अध्याय में का बात होला?
ई अध्याय कहेला कि असली ज्ञान बाहर जाए के जरूरत ना बा। जे आदमी बाहर-भीतर सब जगह घुमत फिरेला, ओकरा के अंदर के बात कम पता चलेला। संत आत्मा के गहिराई में झाँकत रहेला, बाहर के दौड़-धूप में ना पड़त रहेला।
एहि के मोहल्ला से का संबंध?
हम कई बेर बाहर के भागमभाग में अपना भीतर के शांति गँवा दिआी। बाहर के सुख खोजत-खोजत अंदर के खुशी भूल गईला। अब समझ में आवत बा कि बाहर के चीज हमरा के शांति ना दे सकीला, ई त अंदर से आवेला।
आज का करब?
आज कवनो एक दिन बिनु मोबाइल, बिनु बाहर जाए के, अपना में बइठ के ध्यान लगाई। अपना आत्मा के सुने के कोशिश करी आ देखी कि भीतर से कवना बात आवेला। एहि से असली ज्ञान मिली।
सम्बंधित अध्याय
मोहना विचार
एहि अध्याय में रउआ के का प्रेरित करेला? रउआ एकरा केसे लागू करब?