दुनिया में पानी से नरम-कमजोर कुछ नइखे, फेर भी सबसे कठोर-बलवान चीज के तोड़े में ओकर समान कोनो नइखे, काहें से कि ओकर बदल में दूसर कुछ नइखे। कमजोर के बलवान पर जितल, नरम के कठोर पर जितल, ई बात दुनिया में हर एक जानेला, पर हर एक एकर अनुसरण नाहीं करेला। एहिजे से संत कहेला: जे देश के अपमान के बहन करेला ओही के राष्ट्रपति कहल जाला, जे देश के बदकिस्मती के बहन करेला ओही के राजा कहल जाला। सही बात एहिजे उल्ट मालूम पड़ेला।
गहरा चिंतन
यह अध्याय किस बारे में है?
ई अध्याय पानी के रूप में नरमाई के विजय के कहानी बा। दुनिया में सबसे नरम पानी सबसे कठोर चट्टान के भी तोड़ सकेला काहें से कि ओ हरदम बहत रही।
यह मुझसे कैसे संबंधित है?
हम में से हर एक के जिंदगी में कठिनाई आवेला जे कठोर-सी लागेला। पर पानी के गुण हमनी के सिखावेला कि लचकदार रहल से बड़ा चीज के जीता जा सकल बा।
आज मुझे क्या करना चाहिए?
आज जब कवनो कठिनाई या चुनौती मिले, हम कठोर प्रतिरोध के बजाय लचक के रास्ता चुनीं - जइसे पानी बहेला, हम भी अपनी स्थिति के अनुसार बहत रहीं।
There is nothing in the world more soft and weak than water, and yet for attacking things that are firm and strong there is nothing that can take precedence of it—for there is nothing (so effectual) for which it can be changed. Every one in the world knows that the soft overcomes the hard, and the weak the strong, but no one is able to carry it out in practice.
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दुनिया में पानी से नरम-कमजोर कुछ नइखे, फेर भी सबसे कठोर-बलवान चीज के तोड़े में ओकर समान कोनो नइखे, काहें से कि ओकर बदल में दूसर कुछ नइखे। कमजोर के बलवान पर जितल, नरम के कठोर पर जितल, ई बात दुनिया में हर एक जानेला, पर हर एक एकर अनुसरण नाहीं करेला। एहिजे से संत कहेला: जे देश के अपमान के बहन करेला ओही के राष्ट्रपति कहल जाला, जे देश के बदकिस्मती के बहन करेला ओही के राजा कहल जाला। सही बात एहिजे उल्ट मालूम पड़ेला।
मेरा चिंतन
What does this chapter inspire in you? How will you apply it?