अध्याय 6

घाटी की आत्मा

Quick Answer

ई पद्य बतावेला कि प्रकृति के आत्मा अमर बा। ई माँ जइसी बा जे सबके जन्म देला। ई गुप्त बा, पर सब जगह मौजूद बा। ई कभी खतम नाहीं होला, आउर बिना थके सब जीव के पोषण करेला।

Key Concepts

  • 生生不息
  • 虚静

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Laozi, Tao Te Ching, Chapter 6, "घाटी की आत्मा", laotzu.ai: https://www.laotzu.ai/awa/chapters/6/

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谷神不死,是谓玄牝。玄牝之门,是谓天地根。绵绵若存,用之不勤。
घाटी के आत्मा मरत नाहीं, एकरा के कहल जाला रहस्यमयी माँ। कहाँ से ई रहस्यमयी माँ के द्वार खुलत बा, ओकरा के स्वर्ग आउर पृथ्वी का जड़ कहल गइल बा। लगातार बना रहेला, मानो सदा से बा। एकरा के उपयोग में कवनो थकान नाहीं आवेला।

गहरा चिंतन

यह अध्याय किस बारे में है?

ई पद्य बतावेला कि प्रकृति के आत्मा अमर बा। ई माँ जइसी बा जे सबके जन्म देला। ई गुप्त बा, पर सब जगह मौजूद बा। ई कभी खतम नाहीं होला, आउर बिना थके सब जीव के पोषण करेला।

यह मुझसे कैसे संबंधित है?

हम सब के भीतर ओहि शक्ति के कण बा जे सब जीव में बह रहल बा। जब हम नदी देखत बानी जा या पेड़ से फल खात बानी जा, त हमनी के ओही आत्मा के अंश पात बानी जा।

आज मुझे क्या करना चाहिए?

आज प्रकृति के कवनो रूप के देखल - नदी, पेड़, फूल, या आकाश। एकरा में श्वास लिहल आउर महसूस करल कि तुमोन के भीतर वही शक्ति बह रहल बा जे एकरा में बहत बा।

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