Chapter 12
आँखियो को अंधो करे
Quick Answer
जादा रंग, जादा आवाज़, जादा स्वाद, जादा उत्तेजना — सब मन ने इंद्रियो को बिगाड़ दे हुए। दौड़ भाग ने शिकार मन को पागल करे। दुर्लभ वस्तु आदमी की चाल बिगाड़े। ते हुआ ज्ञानी बुद्धिमान केवल पेट भरना चाहे नैन नैं, बाहर की चकाचौंध छोड़ी भीतर की शांति ले।
Key Concepts
- 欲望
- 简朴
- 感官
- 为腹
Cite This Chapter
Laozi, Tao Te Ching, Chapter 12, "आँखियो को अंधो करे", laotzu.ai: https://www.laotzu.ai/mwr/chapters/12/
Classical Chinese, translation, and AI reflection are shown separately; cite this chapter URL for references.
Original
是以圣人为腹不为目,故去彼取此。
अनुवाद
पाँच आवाज़ कानियो को बहिरो करे,
पाँच स्वाद जीभ को बेसुमार करे,
दौड़ भाग ने शिकार मन को पागल करे,
दुर्लभ वस्तु आदमी को भ्रष्ट करे।
ते हुआ ज्ञानी पेट भरना चाहे नैन नैं,
ते छोड़ी सब बाहरी ने लिया भीतर को।
गहरो विचार
इ अध्याय किण बारे में है?
जादा रंग, जादा आवाज़, जादा स्वाद, जादा उत्तेजना — सब मन ने इंद्रियो को बिगाड़ दे हुए। दौड़ भाग ने शिकार मन को पागल करे। दुर्लभ वस्तु आदमी की चाल बिगाड़े। ते हुआ ज्ञानी बुद्धिमान केवल पेट भरना चाहे नैन नैं, बाहर की चकाचौंध छोड़ी भीतर की शांति ले।
इ म्हारे सूं केड़ो संबंधित है?
मैं भी बाहर की चकाचौंध मैं भागी फिरे हूँ। नई कार, नई मोबाइल, नई सुविधा — सब मुझे अंधो करे हुए। मैं भूली गई हूँ के सच्ची तृप्ति भीतर है, बाहर नैन।
आज म्हैं के करणो चाहीजे?
आज मैं एक दिन के लिये सब भौतिक सुख छोड़ूँ — न कोई नई चीज़ देखूँ, न जादा खाऊँ, न दौड़ भाग करूँ। केवल सादा खाऊँ, सादा रहूँ, ने भीतर की आवाज़ सुनूँ।
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म्हारो विचार
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