महान पथ विस्तृत अछि, ओकर चलन बाम आरू दहिनिमे अछि। सब विषय ओकर सहारे जीवित अछि आरू ओ निन्दा नहि करैत अछि, काज भऽ गेला पर नाम नहि लैत अछि। सब विषयक पोषण करैत अछि मुदा स्वामी नहि बनैत अछि, सदा निःशेष इच्छारहित रहैत अछि, जेकर कारण ओतय 'छोट' कहल जा सकैछ; सब विषय ओकर कोलाहल पड़ैछ मुदा ओ कोनो स्वामी नहि अछि, एहिसँ 'महान' कहल जा सकैछ। ओ अपनेके महान नहि मानैत अछि, एहि कारण ओ अपन महानता प्राप्त कऽ सकैछ अछि।
गहन चिंतन
ई अध्याय की बारे में बा?
ई अध्याय बताबैछ जे महान पथ कथनसभसँ परे, ओ सब विषयकेँ जनैत अछि आरू पोसैत अछि मुदा कोनो दावा नहि करैत अछि। ई नम्रतासँ भरल अछि, आत्म-प्रचार नहि करैत अछि, मुदा एहि कारण ओ सबसँ महान बनि जाइत अछि।
एहि कें हमरा सँ की संबंध?
हमर जीवमे ई सिखाबैछ जे जखन हम सेवा करैत छियै आरू कोनो पुरस्कार या मान-सम्मान नहि चाहैत छियै, तखन हम अपन महानतासँ बेसी निकट पहुँचि सकैत छियै। निःस्वार्थ भावसँ काज करबाक शक्ति अछि।
आइ हम की करी?
आजु हम कोनो एकटा काज एहनसँ करब जे सेवा जकाँ अछि मुदा हमर कोनो प्रशंसा या लाभ नहि होयत - ई अहङकार कम करबाक सुरुआत अछि।
All-pervading is the Great Tao! It may be found on the left hand and on the right. All things depend on it for their production, which it gives to them, not one refusing obedience to it. When its work is accomplished, it does not claim the name of having done it.
AI आधुनिक
महान पथ विस्तृत अछि, ओकर चलन बाम आरू दहिनिमे अछि। सब विषय ओकर सहारे जीवित अछि आरू ओ निन्दा नहि करैत अछि, काज भऽ गेला पर नाम नहि लैत अछि। सब विषयक पोषण करैत अछि मुदा स्वामी नहि बनैत अछि, सदा निःशेष इच्छारहित रहैत अछि, जेकर कारण ओतय 'छोट' कहल जा सकैछ; सब विषय ओकर कोलाहल पड़ैछ मुदा ओ कोनो स्वामी नहि अछि, एहिसँ 'महान' कहल जा सकैछ। ओ अपनेके महान नहि मानैत अछि, एहि कारण ओ अपन महानता प्राप्त कऽ सकैछ अछि।
मम विचार
एहि अध्याय अहाँ केँ की प्रेरित करैत अछि? अहाँ एकरा कीदे लागू करब?