Chapter 30
जे कोनो राजा केँ ताओ क' सँग सहायता करैत होथि
Quick Answer
एहि अध्याय में कहल गेल अछि जे जोर क' भरि जीतबा क' प्रयास हिंसा आ कष्ट केँ बिना नहि हो सकैत। युद्ध क' बाद भूमि बबेला होइत अछि आ अकाल आबैत अछि। सच्चा शक्तिशाली व्यक्ति हिंसा नहि करैत, आत्म-घमंड नहि दिखाबैत। बल क' प्रयोग सदाय दोसर दिशा में चलि जाइत अछि - आत्म-विनाश की ओर।
Key Concepts
- 兵
- 果
- 物壮则老
Cite This Chapter
Laozi, Tao Te Ching, Chapter 30, "जे कोनो राजा केँ ताओ क' सँग सहायता करैत होथि", laotzu.ai: https://www.laotzu.ai/mai/chapters/30/
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मूल
善有果而已,不敢以取强。果而勿矜,果而勿伐,果而勿骄,果而不得已,果而勿强。
物壮则老,是谓不道,不道早已。
अनुवाद
श्रेष्ठ व्यक्ति सफलता पावल पर जे लाभ होथि ताही में संतुष्ट रहैत अछि, हिंसा स' जीतबा क' इच्छा नहि राखैत अछि। सफलता भेला पर घमंड नहि करय, फुदर नहि मचाबय, गर्व नहि करय, कियाकी ई सब कुछ अनिवार्यतः भेल अछि ताहि लेली तथा जबरदस्ती नहि करय।
कोनो वस्तु जखन पूर्ण शक्ति में होथि तखन ओ बुढ़ाइत जाइत अछि - ई ताओ क' मार्ग नहि अछि, आ जे मार्ग ताओ क' नहि अछि ओ अलगेतेँ मरि जाइत अछि।
गहन चिंतन
ई अध्याय की बारे में बा?
एहि अध्याय में कहल गेल अछि जे जोर क' भरि जीतबा क' प्रयास हिंसा आ कष्ट केँ बिना नहि हो सकैत। युद्ध क' बाद भूमि बबेला होइत अछि आ अकाल आबैत अछि। सच्चा शक्तिशाली व्यक्ति हिंसा नहि करैत, आत्म-घमंड नहि दिखाबैत। बल क' प्रयोग सदाय दोसर दिशा में चलि जाइत अछि - आत्म-विनाश की ओर।
एहि कें हमरा सँ की संबंध?
महिना में अक्सर कोनो विवाद वा असंतोष उत्पन्न होइत अछि आ मोन करैत अछि जे जोर क' भरि जीतिक' दैखाबय चाहैत अछि। ई अध्याय याद दिलाबैत अछि जे ओहि तरहक' प्रयास मुदा ओतय हिंसा वा अनावश्यक संघर्ष केँ जन्म देत। आत्म-प्रशंसा आ घमंड स' बचियो - ई सब हमरा अहंकार क' कमजोर बनाबैत अछि।
आइ हम की करी?
आजु अपनाऽ परिवार वा सहकर्मी सँग किछु विवाद भेला पर, जोर क' भरि जीतबा क' बजाय, शांति स' बात करबय क' कोशिश करू। जखन मोन चाहय जे श्रेष्ठ दिखाबय, तखन अपनाऽ घमंड क' रोकिक' राखू आ सहज रहू। बल क' प्रयोग स' परे रहिक' करुणा क' मार्ग चुनू।
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मम विचार
एहि अध्याय अहाँ केँ की प्रेरित करैत अछि? अहाँ एकरा कीदे लागू करब?