Chapter 76

जि़ंदगी मुलायम थी

Quick Answer

जि़ंदगी दी शुरुआत मुलायमी नाल होवे थी, ओह कड़की नाल ख़त्म होवे थी। नरम चीज़ जि़ंदा रही सके थी, कड़क चीज़ टूट जाए थी। मज़बूती दा घमंड हार दा कारण बने था।

Key Concepts

  • 柔弱
  • 坚强

Cite This Chapter

Laozi, Tao Te Ching, Chapter 76, "जि़ंदगी मुलायम थी", laotzu.ai: https://www.laotzu.ai/doi/chapters/76/

Classical Chinese, translation, and AI reflection are shown separately; cite this chapter URL for references.

人之生也柔弱,其死也坚强。万物草木之生也柔脆,其死也枯槁。
故坚强者死之徒,柔弱者生之徒。
是以兵强则灭,木强则折。强大处下,柔弱处上。
जे�ा ज़िंदा होंदा था, मनुष्य दा शरीर नरम ते मुलायम होवे था। जे�ा मरी जाए था, ओह कड़क ते सख़्त हो जाए था। दरख़्तां ते बूटिय़ां भी जे�ी जि़ंदा होवेदी न, ते�ी कोमल ते ताज़गी वाली होवेदी न, पर जे�ी मरी जाए न, ते�ी सूखी ते बेजान हो जाए न। एह से साफ़ पता लगदा ह कि सख़्ती मौत दा रास्ता ह, ते मुलायमपन जि़ंदगी दा रास्ता ह। जे�ा फ़ौज मज़बूती नाल लड़े थी, ओह हार जाए थी। जे�ा लकड़ी मज़बूत होवे थी, ओह टूट जाए थी। मज़बूती नीचे रहे थी, मुलायमपन ऊंचा रहे था।

गहरी सोच

ऐ चैप्टर बारे में क्या ऐ?

जि़ंदगी दी शुरुआत मुलायमी नाल होवे थी, ओह कड़की नाल ख़त्म होवे थी। नरम चीज़ जि़ंदा रही सके थी, कड़क चीज़ टूट जाए थी। मज़बूती दा घमंड हार दा कारण बने था।

एह मेरे कन्ने किवें संबंधित ऐ?

मेरी जि़ंदगी में भी कई बार हार हुई जे�ा मैंने ज़्यादा अकड़ दिखाई थी। जे�ा मैंने नरम ते झुक के बात की थी, ओह बात कामयाब रही थी। मज़बूती नाल कुछ न मिला, नरमी नाल सब कुछ मिला।

What should I do today?

आज किसी नई चुनौती दा सामना करनी होवे तो पहले अकड़ न करो, मुलायम ते झुक के रास्ता देखो। ताक़त दी जगह समझदारी इख़्तेयार करो।

संबंधित अध्याय

मेरी सोच

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