Chapter 18

महान रास्ता दी बेइज्जती

Quick Answer

हे चैप्टर बांदा ह कि जेहड़ा कोई चीज़ अलग से दिखाई देई, ओह अपने आप में सच्ची ना हुई। जे ताओ दी राह पर चले, ता इंसानियत, दया, बुद्धिमत्ता सब कुछ अपने आप में मौजूद ह। जे रास्ता खो जाई, ता फिर बाहर खोजना पड़े।

Key Concepts

  • 大道
  • 仁义
  • 社会退化

Cite This Chapter

Laozi, Tao Te Ching, Chapter 18, "महान रास्ता दी बेइज्जती", laotzu.ai: https://www.laotzu.ai/doi/chapters/18/

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大道废,有仁义;智慧出,有大伪;六亲不和,有孝慈;国家昏乱,有忠臣。
जे महान रास्ता (ताओ) दी बेइज्जती होई, ता इंसानियत अउर करुणा सामने आई। जेहड़ा ज्ञान चमके, ओह साथे में बड़ा झूठ भी आ जाई। जे परिवार दी सुलह-सलामती खराब होई, ता माँ-बाप दी लाड़-प्यार अलग से दिखाई देई। जे राष्ट्र अंधेरे दा शिकार होई, ता ओह वक्त दी वफादारी अलग से नज़र आई।

गहरी सोच

ऐ चैप्टर बारे में क्या ऐ?

हे चैप्टर बांदा ह कि जेहड़ा कोई चीज़ अलग से दिखाई देई, ओह अपने आप में सच्ची ना हुई। जे ताओ दी राह पर चले, ता इंसानियत, दया, बुद्धिमत्ता सब कुछ अपने आप में मौजूद ह। जे रास्ता खो जाई, ता फिर बाहर खोजना पड़े।

एह मेरे कन्ने किवें संबंधित ऐ?

में महसूस करदा हां कि जेहड़ा में दूसरा दा बढ़िया-बुरा बांनदा हां, ओह मेरे भीतर दी सच्चाई दा प्रमाण ह। जे में किसी दा बारे दा कुछ सोचदा हां, ता पहले अपने आप नू देखना चाहीदा ह।

What should I do today?

आज जेहड़ा गुण मैं किसी दूजे दा बांनांगा, पहले अपने भीतर देखांगा कि ओह गुण मेरे में भी तो ना ह।

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मेरी सोच

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