जे मनुष्य सच्चा जानेवाला ह, ऊ बोले ना। जे बोलेला ऊ नऽनूँ जानेवाला ह। अपन द्वार बंद करी, अपन ओतार रोकी, धार के कुंद करी, झगड़ा के मिटाई, चमक के धाँधला करी, धूलि में मिल जा - ई कहल जाला गहिरा एकता। एहि से न नजदीकी बना सकेनी न दूर, न फायदा पहुँचा सकेनी न नुकसान, न आदर दे सकेनी न तिरस्कार। एही कारन ई संसार में सबसे ऊँच मानल जाला।
गहन चिंतन
एहि अध्याय में का बात होला?
ई अध्याय बतावेला कि सच्चा ज्ञान मौन में बा। जब हम सब कुछ बाहर में दिखावे के बजाय भीतर समा लेली तऽ अनकही एकता के अनुभव होला जे सब दुविधा से परे ह।
एहि के मोहल्ला से का संबंध?
हमरा में जब कोनों स्थिति पर तुरंत प्रतिक्रिया देले की इच्छा होला तऽ ई याद आवेला कि चुप रह के भीतर की सुनले से गहिरा समझ आवेला। ई मेरा के व्यक्तिगत और पेशेवर दुनिया दोनों में मदद करेला।
आज का करब?
आज कवनों बहस भा तर्क में पड़ले बिना, बस सुनी। अपन जबान पर अंकुश लगाई आ भीतर के शांति के देखी। जब बोले के जरूरत होई तब भी धीरे-धीरे, सोच-समझ के बोली।
He who knows (the Tao) does not (care to) speak (about it); he who is (ever ready to) speak about it does not know it. This is called 'the Mysterious Agreement.' (Such an one) cannot be treated familiarly or distantly; he is beyond all consideration of profit or injury; of nobility or meanness: he is the noblest man under heaven.
एआई आधुनिक
जे मनुष्य सच्चा जानेवाला ह, ऊ बोले ना। जे बोलेला ऊ नऽनूँ जानेवाला ह। अपन द्वार बंद करी, अपन ओतार रोकी, धार के कुंद करी, झगड़ा के मिटाई, चमक के धाँधला करी, धूलि में मिल जा - ई कहल जाला गहिरा एकता। एहि से न नजदीकी बना सकेनी न दूर, न फायदा पहुँचा सकेनी न नुकसान, न आदर दे सकेनी न तिरस्कार। एही कारन ई संसार में सबसे ऊँच मानल जाला।
मोहना विचार
एहि अध्याय में रउआ के का प्रेरित करेला? रउआ एकरा केसे लागू करब?