अध्याय 33

दूसरा के जाने बाला बुद्धिमान हवे

知人者智,自知者明。胜人者有力,自胜者强。知足者富,强行者有志。不失其所者久,死而不亡者寿。
दूसरा के जाने बाला बुद्धिमान हवे, आपन के जाने बाला स्पष्ट दृष्टि वाला हवे।
दूसरा के हरावे बाला बलवान हवे, आपन के हरावे बाला सच्चा शक्तिशाली हवे।
जेकरा के पर्याप्त मिल गइल ओ धनी हवे, जे कठिन काम में जुटल रही ओकर उत्साही हवे।
जे आपन जड़ खोल नइहन छोड़ेला ओ लंबा जीवी हवे, जे मर गइला के बादो जीवित रही ओ सच्चा दीर्घजीवी हवे।

गहन चिंतन

एहि अध्याय में का बात होला?

ई अध्याय कहेला जे दूसरा के जाने बुद्धिमानी हवे, परंतु आपन के जाने सच्ची स्पष्टता हवे। दूसरा के हराने बाला बलवान हवे, परंतु आपन के हराने बाला सच्चा शक्तिशाली हवे। जे जानेला जे इहाँ तक काफी हवे ओ धनी हवे। जे कठिन काम में लगातार जुटल रही ओ उत्साही हवे। जे आपन स्थान न खोले ओ लंबा जीवी हवे। जे मरी तबहो याद में जियावे ओ सच्चा दीर्घजीवी हवे।

एहि के मोहल्ला से का संबंध?

हम अपने जीवन में बाहर की तरफ नइहन देख के भीतर देखे के चाहीं। आपन कमजोरी, आपन गलती के पहिचाने के चाहीं। दूसरा के हराने के बजाय आपन मन के काबू में रखे के चाहीं। जे हमारा पास हवे ओकर खुश रहे के चाहीं।

आज का करब?

आज एक क्षण ले के आपन भीतर देखूं - हमारी कहाँ कमजोरी हवे, कहाँ हम जानबूझ के नइहन देखतानी? आपन कमजोरी के स्वीकार करूं आरो एकरा के बदले के रास्ता सोचूं।

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मोहना विचार

एहि अध्याय में रउआ के का प्रेरित करेला? रउआ एकरा केसे लागू करब?

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