ई अध्याय हमका बतावत बा कि सच्चा ज्ञान बाहर से नाईं, भीतर से आवत बा। जीभ भटकत-भटकत ज्यादा दूर नाईं जाई, ओतना कम जानी जाई। आंतरिक ध्यान से सब कुछ समझ में आई जाई।
Key Concepts
内观
不行而知
天道
Cite This Chapter
Laozi, Tao Te Ching, Chapter 47, "बिना निकले जगत के ज्ञान", laotzu.ai: https://www.laotzu.ai/awa/chapters/47/
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Original
不出户,知天下;不窥牖,见天道。其出弥远,其知弥少。
是以圣人不行而知,不见而名,不为而成。
अनुवाद
बिना दरवाजा पार कए, संसार के ज्ञान होई जाई। खिड़की से बाहर नाईं झाँकत, स्वर्ग के मार्ग देखा जाई। जौन बाहर भागे जाई, ओकर ज्ञान ऊ कम होई जाई। एह से संत मनुख बिना यात्रा के जाने जाई, बिना देखे के नाम धरई जाई, बिना कुछ करे के सफल होई जाई।
गहरा चिंतन
यह अध्याय किस बारे में है?
ई अध्याय हमका बतावत बा कि सच्चा ज्ञान बाहर से नाईं, भीतर से आवत बा। जीभ भटकत-भटकत ज्यादा दूर नाईं जाई, ओतना कम जानी जाई। आंतरिक ध्यान से सब कुछ समझ में आई जाई।
यह मुझसे कैसे संबंधित है?
हम सब समय बाहर के चीजन में खोजत रही जाई कि सच्चाई कहाँ बा। पर हर बेर ऊ दूर होई जाई। जब हम भीतर झाँकी जाई, तब पता चली कि जवाब हमारा भीतर बा।
आज मुझे क्या करना चाहिए?
आज के दिन हम एक घंटा के लेल बिना कुछ कए, बिना कहीं जाए, अपना भीतर के चुप में बइठी जाई आ आपन अंतर के सुनी जाई।
Without going outside his door, one understands (all that takes place) under the sky; without looking out from his window, one sees the Tao of Heaven. The farther that one goes out (from himself), the less he knows. Therefore the sages got their knowledge without travelling; gave their (right) names to things without seeing them; and accomplished their ends without any purpose of doing so.
AI Modern
बिना दरवाजा पार कए, संसार के ज्ञान होई जाई। खिड़की से बाहर नाईं झाँकत, स्वर्ग के मार्ग देखा जाई। जौन बाहर भागे जाई, ओकर ज्ञान ऊ कम होई जाई। एह से संत मनुख बिना यात्रा के जाने जाई, बिना देखे के नाम धरई जाई, बिना कुछ करे के सफल होई जाई।
मेरा चिंतन
What does this chapter inspire in you? How will you apply it?