Chapter 33
दुसरन जाणणौ अरू आपण जाणणौ
Quick Answer
हूँ बतावदा हे कि दुसरन कौ जाणणौ बुद्धि हे पर आपण कौ जाणणौ बेहतर हे। दुसरन कौ हरावणौ बल हे पर आपण कौ हरावणौ सच्ची शक्ति हे। जे अपनौ मन कौ हरावे हे ओ मजबूत हे। जे जाणता हे कि कित्थौ थकना हे ओ कित्थौ रुकना हे ओ धनवान हे। जे मर जाये हे पर ओझौं याद रखा जादा हे ओ सच्चौ जियौ हे।
Key Concepts
- 自知
- 自胜
- 知足
- 不朽
Cite This Chapter
Laozi, Tao Te Ching, Chapter 33, "दुसरन जाणणौ अरू आपण जाणणौ", laotzu.ai: https://www.laotzu.ai/mwr/chapters/33/
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Original
अनुवाद
गहरो विचार
इ अध्याय किण बारे में है?
हूँ बतावदा हे कि दुसरन कौ जाणणौ बुद्धि हे पर आपण कौ जाणणौ बेहतर हे। दुसरन कौ हरावणौ बल हे पर आपण कौ हरावणौ सच्ची शक्ति हे। जे अपनौ मन कौ हरावे हे ओ मजबूत हे। जे जाणता हे कि कित्थौ थकना हे ओ कित्थौ रुकना हे ओ धनवान हे। जे मर जाये हे पर ओझौं याद रखा जादा हे ओ सच्चौ जियौ हे।
इ म्हारे सूं केड़ो संबंधित है?
मईं दुसरन कौ सुधारणौ मऊ बहुत व्यस्त रेहदा हाँ। पर मईं आपण कौ नांही जाणदौ कि मईं कित्थौ कमज़ोर हाँ। जब मईं आपण कौ देखता हाँ तौ बहुत सच्चाई सामनौ आवे हे। मईं मर जायेंगौ पर जे काम मईं करणौ हे ओ याद रखा जायेंगौ।
आज म्हैं के करणो चाहीजे?
आज एक बार आईना मऊ देखणौ अरू पूछणौ कि मईं कौन हाँ? मईं क्या चाहता हाँ? मईं कित्थौ कमज़ोर हाँ? अरू आज एक बार आपण कौ हरावणौ का प्रयास करणौ।
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म्हारो विचार
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