Chapter 18
ठीक मार्ग छोड़े तो धर्म हे
Original
大道废,有仁义;智慧出,有大伪;六亲不和,有孝慈;国家昏乱,有忠臣。
अनुवाद
ठीक मार्ग छूटे तो दया आउर करुणा हे; समझदारी निकले तो बड़ा धोखा हे; छः परिवार रे रिश्ते बिगड़े तो माता-पिता रे प्रेम हे; राज्य रे दौर बुरा होंय तो सच्चे सेवक हे।
गहरो विचार
इ अध्याय किण बारे में है?
ए चैप्टर हांके कहणा हे कि जे बुराई बढ़े तो अच्छाई दिखे। जब सच्चा मार्ग गुम होंय, तब लोग नैतिकता रे बारे हांके बोलणा शुरू कर दे।
इ म्हारे सूं केड़ो संबंधित है?
जब हमारे घर रे रिश्ते बिगड़े, तब हम माता-पिता रे प्रेम रे बारे हांके सोचणा लगे। जब समाज हां में बुराई होंय, तब हम नैतिकता रे बारे हांके पढ़णा लगे।
आज म्हैं के करणो चाहीजे?
आज़ कोई चांद पाळणा रे बजाय हमारे परिवार रे किसी सदस्य रे साथ अच्छा समय बितावणा। रिश्ते रे मूल्य हांके समझणा ए हे सच्ची धर्म।
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म्हारो विचार
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