Chapter 74
लोक सभ मरबासँ नहि डरबय
Quick Answer
जदि लोक सभ मरबासँ डरबय तऽ हत्याकारी के दंड देबाक लेल कोनो हुनिय होयब। पर जे स्वयं हत्यारीके हत्या करत अछि ओ अपने हाथ काटबैत अछि।
Key Concepts
- 死
- 杀
- 大匠斫
Cite This Chapter
Laozi, Tao Te Ching, Chapter 74, "लोक सभ मरबासँ नहि डरबय", laotzu.ai: https://www.laotzu.ai/mai/chapters/74/
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मूल
常有司杀者杀。夫代司杀者杀,是谓代大匠斫。夫代大匠斫者,希有不伤其手矣。
अनुवाद
सदा हत्या करय वाला के हत्या करबाक चाही। जे हत्याकारी के हत्या करत अछि ओ महान कारीगरसँ कोना कटबाक बिना हाथ काटि बैसय वालासँ की दाखिल अछि।
गहन चिंतन
ई अध्याय की बारे में बा?
जदि लोक सभ मरबासँ डरबय तऽ हत्याकारी के दंड देबाक लेल कोनो हुनिय होयब। पर जे स्वयं हत्यारीके हत्या करत अछि ओ अपने हाथ काटबैत अछि।
एहि कें हमरा सँ की संबंध?
हम जखन किछु बात डरा कऽ करैत छी तखन ओकरा नै जीतबैत छी आ नै सिखबैत छी। डराक भयसँ किछु नै बनैत अछि।
आइ हम की करी?
आजि जे बातमे हम डरा कऽ कोनो कार्य करैत छी ओकरा देखब आ प्रेमसँ, समझाईसँ बात बनावबाक कोशिश करब।
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मम विचार
एहि अध्याय अहाँ केँ की प्रेरित करैत अछि? अहाँ एकरा कीदे लागू करब?